जमानिया(गाजीपुर)। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को सीयूजी नंबर से लैस कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग मोबाइल के साथ ही बीएसएनएल का थ्री-जी सिम दे रहा है। यही नहीं स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी और एएनएम को भी सीयूजी मोबाइल से लैस किया जाएगा। इसके वितरण का कार्य स्वास्थ्य केंद्र पर अंतिम चरण में है। स्वास्थ्य विभाग अब संचार के माध्यम से पब्लिक कनेक्टिविटी स्थापित कर रहा है। इसके लिए आशा कार्यकर्ता को मोबाइल फोन से लैस किया गया है। इससे मरीज एवं जरूरतमंद लोग उनसे कभी भी संपर्क कर सकेंगे।
आशा वर्कर्स की जननी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन में व्यापक भागीदारी है। स्थानीय विकास खंड में 213 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं और करीब 35 एएनएम। संस्थागत प्रसव हो या स्वास्थ्य विभाग का नियमित टीकाकरण कार्यक्रम इनमें आशा कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रहती है। आशा वर्कर्स के साथ असिस्टेंट नर्सिंग मैटरनिटी (एएनएम) भी संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही हैं। अक्सर प्रभारी चिकित्साधिकारियों, एएनएम और आशा वर्कर्स के बीच संवादहीनता की वजह से विपरीत परिस्थितियां पैदा होती हैं। कई मामलों में समय से जानकारी न मिलने की वजह से भी दिक्कतें होती रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। मोबाइल और बीएसएनएल का सीयूजी नंबर मिलने के बाद आशा वर्कर्स, एएनएम और प्रभारी चिकित्साधिकारियों की जिम्मेदारी में भी इजाफा हुआ है। सभी आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम के मोबाइल नंबर शासन स्तर तक उपलब्ध हैै। इस मोबाइल को उन्हें 24 घंटे चालू रखना होगा। इस नंबर को वह अपनी तैनाती वाले गांव के लोगों को भी मुहैया कराएंगी। सभी आशा कार्यकर्ताओं के मोबाइल नंबर सीएमओ कार्यालय में भी उपलब्ध रहेंगे। सिम नाम की लिस्ट के साथ आया है। इसमें शेष करीब 29 आशा कार्यकर्ताओं को एक सप्ताह में वितरण किया जाएगा। इस संबंध में स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी अनिल कुमार रत्नेश ने बताया कि मोबाइल और सिम आशा कार्यकर्ताओं को वितरित किया जा चुका है। शेष आशाओं को भी एक सप्ताह के अंदर वितरित कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग केे फील्ड में कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों को सीयूजी नंबर से लैस लिया जाना है। इस पर कार्य चल रहा है।