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नहर के किनारे होकर भी प्यासे हैं खेत

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गाजीपुर। नहरें सूखी हैं, खेत प्यासे हैं और किसान परेशान हैं। हालात यह है कि नहरों के किनारे होकर भी खेत प्यासे हैँ। ऐसा विभागीय उदासीनता के कारण देखने को मिल रहा है। किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी, चिलचिलाती धूप और मौसम की बेरूखी से किसान पहले ही तड़फड़ा रहे हैं। रही-सही कसर जिला प्रशासन और नहर विभाग पूरा कर दे रहा है। महीनों से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है। जिससे फसलें मुर्झाने लगी हैं। इस साल भी सूखे की आशंका से किसान चिंतित हैं। आलम यह है कि कुछ नहरों में पानी छोड़ने के बाद भी वह टेल तक नहीं पहुंच रहा है। ऐसा नहरों की साफ-सफाई न होने की वजह से देखने को मिल रहा है। विभाग मरम्मत के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहा है।
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दुबिहां संवाददाता के मुताबिक देवकली पंप कैनाल से तीन दशक पहले दलपतपुर राजवाहा का निर्माण कराया गया है। लेकिन आज तक नहर में टेल तक पानी नहीं पहुंचा, इस वजह से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। सरकार ने किसानों की बेहतर सिचांई के लिए तीस साल पहले नहर का निर्माण कराया था, लेकिन तब किसानों के मन में आस जगी थी कि पानी की समस्या से किसान उबर सकेंगे। लेकिन विभागीय उदासीनता की वजह से आज तक नहर सूखी हुई है। पानी के अभाव में किसानों की फसल हर साल मारी जाती है। दलपतपुर राजवाहा जो की जहूराबाद से निकलकर गडार ड्रेन के टौंस नदी में जाकर गिरता है। बीस किमी क्षेत्रफल में किसानों के खेतों की सिंचाई करने के लिए बनी नहर गोविंदपुर गांव के पास तक खोद कर छोड़ दी गई है। जिससे नहर में टेल तक खुदाई न हो सकी, जबकि इस नहर से धान तथा गेहूँ की सिंचाई करने वाले दर्जनों गांवों के सामने पानी का संकट गहरा गया है। लाभ पाने वाले गावों में राजापुर, बाँकी, असावर, दलपतपुर, भठवा, सरेजा, कमसड़ी, खडहरा, नेवादा, हरदासपुर, दुबिहां, गोविंदपुर, गडार आदि गावों के किसान नहर के पानी के अभाव में धान की सिंचाई के लिए महंगे डीजल तथा निजी पंपों से पानी खरीद कर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। जिससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस संबंध में दुबिहां निवासी दीनानाथ राय कहते हैं कि हम लोग उपजाऊ जमीन नहर के नाम पर खरीदे, लेकिन पानी तो दूर इस नहर की खुदाई भी आज तक नहीं हो पाई। हरदासपुर के किसान विजयशंकर राय ने बताया की पानी के आभाव में किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर नई तकनीकी पर आधारित खेती नहीं कर पा रहे हैं। जबकि गोविंदपुर निवासी रमाशंकर यादव का कहना है कि नहर में पानी न आना सरकार तथा विभाग की लापरवाही है।
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