फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीआरपी पुलिस ने पिता-पुत्री को परिजनों से मिलवाया

विज्ञापन
विज्ञापन
दिलदारनगर। जीआरपी पुलिस ने बुधवार को 63234 पैसेंजर ट्रेन में रूटीन चेकिंग के दौरान भटके पिता-पुत्री को उनके परिजनों से मिलवाया। साथ ही ठंड कांप रहे पिता-पुत्री को पुलिस ने तत्काल गर्म कपड़ा मुहैया कराकर मानवता का परिचय भी दिया। पुलिस के इस बेहतर कार्य की चर्चा लोगों के बीच होती रही।
विज्ञापन

जीआरपी पुलिस ने बताया कि महोबा जनपद के बेलरही गांव निवासी मंदबुद्धि कमलेश यादव अपनी पुत्री विज्ञांशी के साथ अपनी माता की दवा लाने ग्वालियर जाने की बात कहकर सोमवार को घर से निकले थे, लेकिन वह भूल कर अप की जगह डाउन चंबल एक्सप्रेस पकड़ कर मुगलसराय पहुंच गए। प्लेटफार्म पर उतर कर पिता और पुत्री डाउन 63234 मेमो पैसेंजर ट्रेन में सवार हो गए। स्थानीय स्टेशन पर ट्रेन की रूटीन चेकिंग के लिए जीआरपी पुलिस कर्मी ट्रेन की बोगी में घुसे तो ठंड के कारण कांप कर रही और रो रही बालिका और उसके बगल में बैठे पिता को ट्रेन से उतारकर चौकी पर लाया। कार्यवाहक चौकी प्रभारी जयदीप सिंह ने दोनों से पूछताछ की तो पिता पुत्री के भटक कर आने का मामला सामने आया। चौकी प्रभारी ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए तत्काल गर्म कपड़ा मंगाकर दिया। बालिका के द्वारा अपने रिश्तेदार का मोबाइल नंबर दिए जाने पर परिजन देर शाम जीआरपी चौकी पहुंचे गए। प्रभारी उपनिरीक्षक जयदीप सिंह ने पिता-पुत्री को परिजनों के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें