शादियाबाद इलाके में जिस स्कूली वस से कुचलकर साइकिल सवार छात्र की मौत हुई है उसका फिटनेस मार्च में ही फेल हो गया था। आठ जुलाई की सुबह करीब साढ़े सात बजे इस की बस को परिवहन विभाग के अधिकारियों ने पकड़ भी लिया था।
छात्र संख्या अधिक होने के कारण 11 हजार 500 का जुर्माना लगाकर चालक को हिदायत के साथ बस स्कूल भेज दिया था। स्कूल प्रशासन को नोटिस भी जारी किया था। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन ने नहीं चेता।
जिले में अधिकांश निजी स्कूल वाले स्कूली वाहन उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। वे बच्चाें के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। इसके बावजूद अभिभावक कुछ नहीं बोल रहे हैं और न ही अधिकारी कोई प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं।
विभाग ने 119 स्कूलों को नोटिस दे दिया है। उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली 2019 के अनुसार छात्र-छात्राओं को मारुति बैन, ई-रिक्शा, ऑटो, मैजिक में नहीं ले जा सकते हैं। जबकि जनपद में इन नियमों का जनपद में खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
एआरटीओ कार्यालय के अनुसार 1178 स्कूली वाहन इस समय पंजीकृत हैं। इसमें 119 स्कूली वाहनों का फिटनेस फेल है। वहीं, पिछले दो वर्षों में स्कूली बस की टक्कर से 50 बच्चे से अधिक घायल हुए हैं। एक दिन पहले भी एआरटीओ ने इस मसले पर बैठक की थी।