गाजीपुर। सावन के चौथे सोमवार को देवाधिदेव का जलाभिषेक करने के लिए रविवार को शहर में कांवरियों का हुजूम उमड़ा। ददरीघाट पर गंगा स्नान करने के बाद कांवरिए पद यात्रा करते हुए महाहर धाम को रवाना हुए। इस दौरान उनके द्वारा बोलबम का जयघोष किए जाने से आसपास का माहौल पूरी तरह से शिवमय बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से घाट पर पुलिस कर्मियों के साथ ही गोताखोर तैनात रहे।
आज दोपहर बाद से ट्रेन, यात्री वाहनों, निजी साधनों के साथ ही बाइकों से कांवरियों का शहर में आने का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे दिन ढलता गया, वैसे-वैसे कांवरियों की संख्या में वृद्धि होती गई। शाम पांच बजे तक सैकड़ों की संख्या में शिवभक्त शहर में पहुंच गए। मिश्रबाजार और ददरीघाट में लगी दूकानों से पूजा सामग्री खरीदने के बाद भक्त खासकर ददरीघाट पर पहुंचे। यहां हर-हर महादेव के जयघोष के साथ काफी संख्या में महिला और पुरुष कांवरियों ने गंगा स्नान किया। पूजन-अर्चन के बीच कांवर में जल भरा। इसके बाद बोल-बम का जयघोष करते हुए जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर मरदह के महाहर धाम के लिए रवाना हुए। जितनी संख्या में भक्त कांवर में जल भरकर गंगा घाट से रवाना हो रहे थे, उससे भी अधिक संख्या में भक्त पहुंच जा रहे थे। महाहर धाम जाने वाले मार्ग पर सिर्फ कांवरिया ही दिखाई दे रहे थे। कांवरियों द्वारा हर-हर महादेव, बोल-बम आदि का जयघोष किए जाने से समूचा वातावरण शिवमय बना रहा। एक तरफ जहां सैकड़ों भक्त पदयात्रा करते हुए बाबा के दरबार के लिए निकले, वहीं दर्जनों बाइक से। देर रात तक शिवभक्तों का आने-जाने का क्रम बना रहा। कांवरिए जिन मार्गों से गुजरे, उन मार्गों पर आवागमन में कई बार अवरोध उत्पन्न हुआ। सुरक्षा की दृष्टि से गंगा घाट सहित जगह-जगह पुलिस कर्मी तैनात रहे। आला-अधिकारी भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। नहाते समय कोई कांवरिया गंगा में न डूबे, इसके मद्देनजर गोताखोर तैनात रहे।