स्वास्थ्य कर्मी समेत 11 मिले कोरोना पॉजिटिव, एक की मौत
होम आइसोलेट एवं कोविड सेंटर में भर्ती 4372 अब तक हुए स्वस्थ
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिले में स्वास्थ्य कर्मी समेत 11 लोगों की रिपोर्ट सोमवार की देर शाम आठ बजे पॉजिटिव आई। होम आइसोलेट एवं कोविड सेंटर में भर्ती 4372 अब तक स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। ऐसे में मौत का आंकड़ा 68 पहुंच गया है। ऐसे में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 4546 पहुंच गई हैं। वहीं एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 106 पहुंच गया है।
देवकली ब्लाक के मोहम्मदपुर हथिनी निवासी एक वृद्ध को एक माह पूर्व सर्दी, जुकाम एवं बुखार की शिकायत हुई थी। सैदपुर निजी अस्पताल में उपचार कराया गया तो ठीक हो गए। इसी बीच पेट फुलने की शिकायत आ रही थी। इस पर परिजन उन्हें 22 अक्तूबर को बीएचयू लेकर आए। जहां एंटीजन कीट से जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उन्हें कोविड वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। बीते 27 को रिपोर्ट पॉजिटिव आई और 29 अक्तूबर से हालत में होने लगा। तीन नवंबर को हालत खराब होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। देर शाम आई रिपोर्ट में सैदपुर में एक, छावनी लाइन एक, रेवतीपुर तीन, निजी अस्पताल का एक स्वास्थ्य कर्मी, कासिमाबाद एक, कपूरपुर शहरी एक, दिलदारनगर एक, सदर एक और बिरनो में एक कोरोना संक्रमित मरीज मिला। इस संबंध में एसीएमओ डा. उमेश कुमार ने बताया कि 11 नए मरीज मिले हैं। जबकि एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई है।
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एक युद्ध पटाखों के विरूद्ध:
कोरोना से सांसों पर संकट, अब पटाखे जलाकर नहीं बढ़ाएंगे परेशानी
सनबीन स्कूल में वेबीनार कार्यक्रम का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
गाजीपुर। शहर के सनबीम स्कूल में सोमवार को वेबीनार का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें दिवाली से पहले शहर में बढ़ रहे प्रदूषण पर चिंता जताई गई। कोरोना संक्रमण की वजह से पहले से ही लोगों के सांसों पर संकट है। ऐसे में पटाखे जलाकर परेशानी और नहीं बढ़ाना चाहते। यह अपील स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने की है। अमर उजाला की पहल ‘एक युद्ध, पटाखों के विरुद्ध’ के तहत वेबिनार कार्यक्रम में छात्र-छात्रों ने कहा कि हमें अपनी खुशी के लिए दूसरों को तकलीफ नहीं पहुंचानी चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि संक्रमण से बचने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सुझाव दे रहे हैं। कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को सांस संबंधी समस्या भी हो रही है, ऐसे में पटाखे जलाकर हवा में जहर घोलना उचित नहीं होगा। खुद पटाखों से दूरी बनाएं, दूसरों को भी प्रेरित करें। दिवाली पर पटाखे जलाकर खुद के साथ तमाम लोगों को मुसीबत में नहीं डालेंगे। हम खुद तो पटाखों से दूरी बनाएं और आसपास के लोगों को भी प्रेरित करें।
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अब प्रदूषण से होती है घुटन
दीपावली पर इतना पटाखा छूटता है कि दिल्ली ही नहीं यहां भी प्रदूषण के कारण घर से निकलने में परेशानी होने लगती है। बुजुर्गों को भी सांस लेने में दिक्कत होती है। लोगों को घुटन महसूस होने लगी है। ऐसे में पटाखे जलाना लोगों को मुसीबत में डालना होगा।- नवनीत राय, कक्षा नौ के छात्र।
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पटाखे जलाकर धन नहीं करेंगे बर्बादी
हर साल पटाखे में लाखों रुपये बर्बाद होते हैं। हमे अपने पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए पटाखे से दूर रहना होगा। इससे धन की बचत होगी और हम भी सुरक्षित रहेंगे। प्रदूषण के स्तर को देखते हुए पटाखे जलाना उचित नहीं है। यह धन की भी बर्बादी है। इन रुपयों से गरीबों व कोरोना संक्रमितों की मदद कर सकते हैं।- प्रतीक्षा सिंह कक्षा दस।
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हम मनाएंगे बिना पटाखे की दिवाली
दीपावली का त्योहार दीयों के साथ बनाएं। समाज को अच्छा संदेश दें। हर घर में उजाला हो, रात न आए कोई काली, आओ इस वर्ष हम मनाएं, बिना पटाखे वाली दिवाली। कुछ ऐसा ही करने की जरूरत सबको है। तभी समाज में बदलाव आऐगा। -सक्षम सिंह कक्षा नौ।
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यह संदेश हमारा पटाखों के विरुद्ध युद्ध है
इस बार के दिवाली में हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि दिवाली को दीपों से सजाएंगे। इसके साथ ही समाज को प्रदूषण मुक्त बनाएंगे। हम इस बार एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध चलाएंगे। -प्रशांत उपाध्याय, कक्षा बारह।