स्वर्णकार संघ की हड़ताल का असर अब लोगों पर पड़ना शुरू हो गया है। शादी-विवाह केसीजन में लोगों को जेवरात नहीं मिल रहे हैं। इसके लिए उनको लगातार परेशान होना पड़ रहा है। ज्यादातर लोग अपने आर्डर ही नहीं दे पा रहे हैं।
आभूषण बनाने, लगाने वाले कारीगर भी हड़ताल पर हैं। शादी-विवाह के लिए कुछ लोगों को तत्काल खरीदारी की जरूरत पड़ती है, ऐसे में बेचारे मारे-मारे फिर रहे हैं। शादी-विवाह की कल्पना जेवरात के बिना नहीं की जा सकती।
कुछ लोग जहां महीनों पहले से जेवरात की व्यवस्था कर लेते हैं, वहीं कई शादी से ठीक पहले जेवरात लेते हैं। कई बार शादी के ऐन वक्त पर जेवरात की जरूरत पड़ जाती है। स्वर्णकार संघ और सर्राफा कारोबारियों की हड़ताल से आम आदमी पर एक साथ असर नहीं पड़ता है, लेकिन शादी विवाह केमौसम में इससे जनसामान्य प्रभावित होता है।
मार्च के पहले सप्ताह में भरपूर सहालग हैं। इस सीजन में रोजाना करोड़ों रुपये के जेवरात की खरीद होती है। अपनी जरूरत और व्यवस्था के अनुसार कई लोग शादी के वक्त पर ही जेवरात लेने निकलते हैं। हड़ताल से उनको परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सर्राफा कारोबार के साथ ही छोटे दुकानदार और जेवरात बनाने-गलाने वाले कारीगर भी हड़ताल पर हैं। देश व्यापी हड़ताल होने से लोगों को दिल्ली-मेरठ तक भी जेवरात नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में कई लोग अपने रिश्तेदारों-मिलने वालों के जेवरात लेकर शादी का आयोजन करा रहे हैं।