नगर निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना का शुरू होने से पहले ही विरोध होने लगा है। उत्तर प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी संघ ने इसका विरोध किया है। संघ के प्रदेश महामंत्री प्रदीप चौहान ने प्रभारी नगर आयुक्त के नाम ज्ञापन देकर योजना लागू करने से पहले इस काम में लगे लोगों को रोजगार दिलाने की मांग की है।
नगर निगम जल्द ही शहर के सभी जोन में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना की शुरुआत करने की तैयारी कर रहा है। इसका प्रस्ताव जल्द ही बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। प्रदीप चौहान का कहना है कि लंबे समय से नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है।
वाल्मीकि समाज के 3000 हजार से ज्यादा लोग जिन्हें नौकरी नहीं मिल पाई है वे घरों से कूड़ा कलेक्शन करके गुजारा कर रहे है। नगर निगम के डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका प्राइवेट कंपनियों को देने पर उनकी रोजी-रोटी बंद हो जाएगी।
उन्होंने यह योजना शुरू करने से पहले इन 3000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उधर, निगम अधिकारियों का कहना है कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना शुरू होने से निगम के कर्मचारियों के रोजगार पर संकट नहीं आएगा।