आयुर्वेदिक व सौंदर्य उत्पाद बनाने वाली कंपनी इमामी के सेल्स ऑफिसर (एसओ) ने कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पड़ोसियों ने बुधवार सुबह पुलिस को घटना की सूचना दी। सेल्स ऑफिसर के रिश्तेदारों के सामने पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला।
पुलिस ने कमरे की छानबीन की, हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी है। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।
एसएचओ सिहानी गेट अवनीश गौतम ने बताया कि गाजीपुर के इचवल गांव निवासी प्रमोद कुमार सिंह (45) सुभाष नगर में किराए पर अकेले रहते थे। उनके पत्नी नीतू सिंह, बेटा प्रतीक और बेटी महिमा बाराबंकी स्थित डीएम आवास के पास दीक्षित नगर में रहते हैं।
प्रमोद इमामी कंपनी में सेल्स ऑफिसर थे। सुबह करीब साढे़ 10 बजे प्रमोद का पड़ोसी सत्यप्रकाश उन्हें जगाने के लिए गया तो रूम अंदर से लॉक मिला। कई बार खटखटाने पर भी दरवाजा न खुला तो उन्होंने खिड़की से झांककर देखा।
दरवाजे पर प्रमोद का शव लटका हुआ था, उन्होंने गमछे से फंदा लगाया हुआ था। सत्यप्रकाश ने कंट्रोल रूम में और आईएमएस डासना कालेज से बीटेक कर रहे प्रमोद के भांजे आकाश सिंह को सूचना दी। मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला गया। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रमोद के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
लैपटॉप, मोबाइल से खुल सकता है सुसाइड का राज
एसएचओ सिहानी गेट ने बताया कि प्रमोद के लैपटॉप, मोबाइल से सुसाइड के कारणों की तलाश की जा रही है, संभावना है कि इनसे आत्महत्या का राज खुल जाए। परिजनों से भी जानकारी जुटाई जुटाएगी।
हाल ही में घर से लौटे थे प्रमोद
प्रमोद फरवरी माह में कंपनी से छुट्टी लेकर बच्चों के पास बाराबंकी और गाजीपुर गए थे। 5 मार्च को वहां से लौटे थे। चोटिल होने की वजह से प्रमोद अपने एडवोकेट पिता उदय प्रताप सिंह को देखने गए थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं आत्महत्या के पीछे कोई पारिवारिक कलह तो नहीं है।
कंपनी का स्टार परफार्मर थे प्रमोद
प्रमोद की मौत की सूचना पर उनकी कंपनी के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। आत्महत्या के कारणों का उन्हें भी पता नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रमोद कंपनी में लंबे समय से काम कर रहे हैं। वह कंपनी के स्टार परफार्मर थे।