गाजियाबाद। एनआरएचएम घोटाले में फंसे यूपी के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की दूसरी अर्जी भी सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने खारिज कर दी। कुशवाहा ने हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश की नजीर पेश करते हुए कोर्ट से हिंदी में दस्तावेज दिए जाने की मांग की थी।
सीबीआई न्यायाधीश एस. लाल ने कुशवाहा की अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि बाबू सिंह कुशवाहा यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री पद पर रह चुके हैं। ऐसा हो ही नहीं सकता कि वह इंग्लिश नहीं जानता हो। कोर्ट का यह भी कहना था कि जांच एजेंसी जिस भाषा में जांच करती है, दस्तावेज भी उसी भाषा में सप्लाई किए जाते हैं। बता दें कि इससे पूर्व भी बाबू सिंह कुशवाहा की हिंदी में दस्तावेज दिए जाने की अर्जी को कोर्ट खारिज कर चुकी है।
इससे पूर्व एनआरएचएम केदो मामलों में बाबू सिंह कुशवाहा, सीनियर आईएएस प्रदीप शुक्ला, पूर्व एमएलसी आरपी जायसवाल, अभय कुमार वाजपेयी, एसपी राम, सुनित सिंघल, एके श्रीवास्तव, वीके चौधरी विपुल कुमार गुप्ता आदि आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। इनमें से एक मामले की सुनवाई 21 और दूसरे की सुनवाई 28 मई को होगी।
डा. नीलिमा ने किया सरेंडर, कोर्ट ने जेल भेजा
गाजियाबाद। एनआरएचएम घोटाले में फंसी डा. नीलिमा सिंह ने सोमवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके साथ ही उसने अपनी जमानत के लिए अर्जी पेश की। कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया।