गाजियाबाद। वसुंधरा का आदर्श पार्क निगम अफसरों के गले की फांस बन गया है। शासन न पार्क पर मालिकाना हक को लेकर निगम से जवाब तलब किया है। शासन ने पूछा है कि आवास विकास परिषद के मालिकाना हक वाले पार्क को निगम ने कैसे बीओटी पर दे दिया।
जांच शुरू होने से पहले ही ‘अमर उजाला’ ने यह सवाल उठाया था कि आविप के पार्क को निगम कैसे लीज पर दे सकता है। बुधवार को विशेष सचिव ने निगम से जवाब तलब किया है। विशेष सचिव ने कहा कि आदर्श पार्क की बीओटी की शर्तों में दर्ज नहीं किया गया कि संबंधित फर्म पार्क के कितने हिस्से पर कैंटीन या अन्य निर्माण करेगी। अधिकारियों ने सरकारी संपत्ति को दोनों हाथों से लुटाया। जबकि किसी भी ग्रीन बेल्ट एरिया पर 5 फीसदी से ज्यादा हिस्से पर पक्का निर्माण नहीं हो सकता।निगम अधिकारी को बृहस्पतिवार तक जवाब देने के आदेश दिए हैं।