गाजियाबाद। हरसांव पुलिस लाइंस में मंगलवार दोपहर पुलिस ट्रेनिंग कैंप का आयोजन हुआ। कैंप में 50 पुलिसकर्मियों ने दंगों के दौरान इस्तेमाल होने वाले असलहे (टीयर गैस, एंटी राइट गन, रबर बुलेट) चलाने की ट्रेनिंग ली। ट्रेनिंग लेने वालों में पुलिस उच्च अधिकारी, दरोगा और सिपाही थे। करीब दो घंटे कैंप चला।
14 सितंबर मसूरी में दंगा हुआ था, इसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी। सूत्रों की माने तो पुलिस की इसमें काफी किरकिरी हुई थी। चर्चा थी कि पुलिस ने लोगों पर सीधी गोलियां चलाईं, जबकि उन्हें दंगे के दौरान पहले रबर बुलेट, टीयर गैस और एंटी राइट गन (रबर के छल्ले निकलते हैं) का इस्तेमाल करना चाहिए था। लेकिन अधिकांश पुलिसवाले ऐसे हैं जिन्हें इन असलहों का इस्तेमाल करना ही नहीं आता तो वे कैसे इस्तेमाल करते। सूत्रों की माने तो इसलिए ही ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया था। इस दौरान एसएसपी प्रशांत कुमार, एसपी सिटी शिव शंकर यादव, सीओ बॉर्डर अरविंद यादव और सीओ द्वितीय डॉ. प्रवीण रंजन आदि मौजूद रहे।