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गाजियाबाद की लाडली को राष्ट्रपति सम्मान

Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
Ghaziabad
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गाजियाबाद। ‘महानगर की आर्यभट्ट’ हिफ्जा बेग ने राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त कर परिवार ही नहीं बल्कि शहर की नाक ऊंची कर दी। कुशलिया कज्जाफी बेग के लिए वह पल सबसे अहम था जब उनकी नन्ही बिटिया को भारत के राष्टपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को सम्मानित किया। गणित के कठिन से कठिन सवाल चंद सेकेंड में हल करने वाली हिफ्जा को नेशनल चाइल्ड अवार्ड मिला है। हिफ्जा बेग का चयन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने किया था। बिटिया को सम्मान दिलाने के लिए पिता कज्जाफी बेग ने 31 जुलाई को ही मंत्रालय में डाक्यूमेंट जमा किए थे।
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राष्ट्रपति भवन से पुरस्कार प्राप्त कर सीधे अमर उजाला ऑफिस पहुंची हिफ्जा बेग ने कहा कि राष्ट्रपति अंकल ने जब उनकी पीठ थपथपाकर वैरी गुड कहा तो उन्हें बहुत अच्छा लगा। आईएएस अफसर बनने की ख्वाहिश रखने वाली हिफ्जा इसके लिए पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई कर रही हैं। हिफ्जा की काबिलियत और लगन देखकर इसी साल एक एनजीओ ने उसका दाखिला डीपीएस इंटरनेशनल डासना में कराया। इस स्कूल में हिफ्जा का बड़ा भाई राशिद पहले से ही पढ़ रहा है।

जीके में भी अपडेट है हिफ्जा
हिफ्जा का कंप्यूटर दिमाग गणित के ही कठिन सवाल हल नहीं करता बल्कि विश्व के किसी भी देश की राजधानी का नाम उसने रटा हुआ है। जीके में अपडेट हिफ्जा को देश के सभी मंत्रालयों के मंत्री और उनके कार्य संबंधी पूरी जानकारी है।
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माधुरी दीक्षित और सलमान है पसंदीदा
हिफ्जा कहती है कि पढ़ाई के साथ उसे फिल्म देखने का बेहद शौक है। अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और अभिनेता सलमान खान उसे बहुत पसंद हैं।

‘आईएएस बनकर करूंगी देश सेवा’
नन्ही हिफ्जा की आंखों में आईएएस अफसर बनने का सपना पल रहा है। हिफ्जा कहती है कि वह प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश सेवा करेगी और भ्रष्टाचार को खत्म करने में सहयोग देगी।
भाई से सीखे कठिन सवाल
हिफ्जा ने बताया कि उसे अपने भाई से प्रेरणा ली और उससे ही सब कुछ सीखा है। हिफ्जा ने कहा कि उनके भाई को भी यह सम्मान मिला होता तो और ज्यादा खुशी होती।

सीएम के वायदे अभी नहीं हुए पूरे
हिफ्जा के पिता कज्जाफी बेग ने कहा कि दोनों बच्चों के साथ वह 12 अगस्त को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले थे। मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने उनसे चार वायदे किए थे। पहला था दोनों बच्चों को उनकी ओर से पढ़ाई। दूसरा कज्जाफी के लिए राम मनोहर लोहिया योजना के तहत मकान, आर्थिक सहायता और गांव में कृषि पट्टा देना। कज्जाफी ने कहा कि अब तक मुख्यमंत्री के चाराें वायदे पूरे नहीं हुए हैं। अगस्त से अब तक वह करीब 10-12 पत्र सीएम को लिख चुके हैं। बेग ने कहा कि उन्हें बच्चों के लिए सरकारी मदद की दरकार है, खैरात नहीं चाहिए। गौरतलब है कि अमर उजाला ने सबसे पहले वर्ष 2010 में बेग के दोनों बच्चों की प्रतिभा के बारे में समाचार प्रकाशित किया था।
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