कहां गई लड़कियां : केयर होम प्रकरण में शासन ने लिया एक्शन
गाजियाबाद। राजकीय संप्रेक्षण गृह से छह लड़कियाें के लापता होने के मामले में शासन एक्शन में आ गया है। आरोपी सरकारी मशीनरी पर गाज गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार को शासन ने एडीएम सिटी की जांच रिपोर्ट पर केयर होम अधीक्षिका जुबैदा खान समेत तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। प्रशासन ने आरोपियों को निलंबन आदेश रिसीव करा दिए हैं। वहीं ज्वाइंट इंक्वायरी टीम की रिपोर्ट पर कार्रवाई होना अभी बाकी है।
अमर उजाला ने 4 मई को राजनगर स्थित केयर होम से छह लड़कियाें के रहस्यमय हालात में लापता होने का खुलासा किया था। सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने भी दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर डाली। मामला राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग पहुंचा तो प्रशासन हरकत में आ गया। आनन फानन में डीएम ने तत्कालीन एडीएम सिटी केके चौधरी को जांच सौंप दी। रिलीव होने से पहले 25 मई को एडीएम सिटी ने जांच रिपोर्ट डीएम को दी। 29 मई को डीएम अपर्णा उपाध्याय ने अपनी संस्तुति के साथ जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी। अब शासन ने एडीएम सिटी की इंक्वायरी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की। महिला एवं बाल विकास विभाग के डायरेक्टर शिव श्याम मिश्र ने अधीक्षिका जुबैदा खान को सभी लड़कियाें के लापता होने में लिप्त माना है। वहीं फोर्थ क्लास कर्मचारी मोतीलाल को वर्षा, अंजलि, रंजीता और मुर्शरफयार खान को कल्पना शर्मा को गायब कराने का दोषी माना है। शासन ने अधीक्षिका जुबैदा खान और दोनों फोर्थ क्लास मोतीलाल और मुर्शरफयार खान को सस्पेंड कर दिया है। डायरेक्टर ने निलंबित कर्मचारियों को सहारनपुर मंडल के परीविक्षा अधिकारी के यहां रोजाना हाजिरी लगाने के निर्देश दिए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट कर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपियों के निलंबन लैटर मिल गए हैं। दोनों फोर्थ क्लास कर्मियों को रिसीव करा दिए हैं। जुबैदा खान के बाहर होने की वजह से आदेश रिसीव नहीं हो सका। बता दें कि शासन पहले ही डीपीओ राजीव शर्मा का लखनऊ और केयर होम अधीक्षिका जुबैदा खान का कानपुर तबादला कर चुका है।