मोदीनगर। श्रमिक आवासों पर मालिकाना हक के लिए मजदूरों ने रविवार को आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान कर दिया। देवेंद्रपुरी कालोनी में मजदूरों की सभा हुई। इसमें सपा नेता रामआसरे शर्मा ने बकाया भुगतान होने तक जमीन का एक टुकड़ा भी बिक्री नहीं होने देने की चेतावनी दी। साथ ही मामले में कार्रवाई के लिए प्रशासन के सामने सात दिन की समय सीमा भी रखी।
नगर की दो दर्जन से अधिक कालोनियों में हजारों श्रमिक परिवार रहते हैं। मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों की माने तो, अचानक फैक्ट्रियां बंद होने के कारण मजदूरों का करोड़ों रुपया मोदी प्रबंधन पर बकाया है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मजदूरों का अारोप है कि मोदी प्रबंधन उन्हें बकाया भुगतान करने की बजाय फैक्ट्री की संपत्ति और श्रमिक आवासों को गुपचुप तरीके से बेच रहा है। इसी के विरोध में सभा की गई। पूर्व पालिका चेयरमैन रामआसरे शर्मा ने कहा कि मोदी प्रबंधन जनप्रतिनिधियों से साठगांठ कर मोदी स्पिनिंग एंड विविंग मिल्स (कपड़ा मिल) की महेंद्रपुरी कालोनी स्थित भैसाघर (10 बीघा जमीन) को करोड़ों रुपये में बेचने के लिए सौदा कर रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बिकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए मजदूरों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। सभा में त्रिवेणी दूबे, हरबीर शर्मा, ओम सिंह, सलीम, हरपाल वालियान, ऋषिपाल तेवतिया, राकेश चौधरी, प्रमोद यादव, रतन भड़ाना, हरपाल वालियान आदि थे।