गाजियाबाद। राजकीय पॉलीटेक्निक, गाजियाबाद में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बहुत जल्द नवीनतम टेक्नोलॉजी से लैस लैब में प्रैक्टिकल करने का मौका मिलेगा। यही नहीं, यहां के स्टूडेंट्स हाईटेक कक्षाओं में पढ़ाई करेंगे और यहां की सुविधाएं इंजीनियरिंग कालेजों में मिलने वाली सुविधाओं को टक्कर देंगी।
राजकीय पॉलीटेक्निक, गाजियाबाद को अपग्रेड करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से एक करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत कर ली गई है। ऐसे में जल्द ही राजकीय पॉलीटेक्निक की सूरत बदलने की उम्मीद है।
सूत्रों का कहना है कि राजकीय पॉलीटेक्निक में वर्षों से इस्तेमाल किए जा रहे कंप्यूटर और साफ्टवेयर अब रिटायर किए जाएंगे और उनकी जगह नवीनतम तकनीक से लैस कंप्यूटर और साफ्टवेयर प्रयोग में लाए जाएंगे।
गौरतलब है कि मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय की ओर से देशभर के 6 प्रदेशों के 16 राजकीय पॉलीटेक्निक को अपग्रेडेशन के लिए चुना गया है। उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के 16 पॉलीटेक्निक को 12 करोड़ 9 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें लेबोरेट्री, क्लासेज, विभिन्न कोर्सेज के प्रैक्टिकल के लिए नए एपरेटस और अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित क्लासरूम शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में चार राजकीय पॉलीटेक्निक अपग्रेड करने के लिए चुने गए हैं और इनमें से राजकीय पॉलीटेक्निक गाजियाबाद भी एक है। राजकीय पॉलीटेक्निक गाजियाबाद को अपग्रेड करने के लिए मंत्रालय की ओर से 1 करोड़ 9 लाख 20 हजार रुपये स्वीकृत कर लिए गए हैं। इस धनराशि से पॉलीटेक्निक में पुराने उपकरण बदलकर नए उपकरण खरीदें जाएंगे।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से राजकीय पॉलीटेक्निक को अपग्रेड करने की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। फिलहाल पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा को लेकर काम अधिक है। प्रवेश परीक्षा खत्म होने के बाद अपग्रेडेशन की कवायद शुरू होगी। पुराने इक्विपमेंट बदले जाएंगे और उनकी जगह नए इक्विपमेंट लगाए जाएंगे। संस्थान को अपग्रेड करना है ताकि स्टूडेंट्स को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। -मनोज कुमार, प्राचार्य, राजकीय पॉलीटेक्निक गाजियाबाद