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गाजियाबाद हत्याकांड: 9 इंच के छुरे से हुए थे 7 कत्ल

Wed, 29 May 2013 09:32 AM IST
गाजियाबाद/ब्यूरो
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उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में बिल्डर और उसके परिवार के सात लोगों की हत्या के मामले में नया सवाल खड़ा हो गया है। सवाल ये हैं कि पुलिस जिस छुरे से सात लोगों का कत्ल करना बता रही है, वह करीब नौ इंच लंबा है।
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इतना लंबा छुरा अमूमन दुकानवाले बनाकर नहीं रखते हैं, आर्डर देकर ही बनाया जाता है। इससे पुलिस की इस थ्योरी पर सवाल सवाल उठता है कि राहुल ने जाते ही छुरा खरीद लिया था। शहर में चाकू छुरी की कई दुकानें हैं।

बेरहमी: एक-एक पर छह-छह गहरे वार

पुलिस पीएम रिपोर्ट की फिर से पड़ताल कर रही है। पीएम रिपोर्ट बेरहमी की कहानी कह रही है। एक-एक पर छह-छह से ज्यादा गहरे वार किए गए थे।

किसी की गर्दन काटी गई थी, तो किसी की सिर से लेकर गर्दन तक। सबसे बेरहमी से मासूम अमन का कत्ल किया गया था। उसके गर्दन के शरीर पर गहरे काटे जाने के घाव थे।
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यही वजह है कि लोग पुलिस की थ्योरी हजम नहीं कर पा रहे हैं।

इन लोगों से दोबारा लिए जाएंगे बयान

अमर उजाला ने इन लोगों से बात कर ली थी। 55 वर्षीय कंपाउंडर का कहना है कि वह रोजमर्रा की तरह सतीश गोयल को इंसुलिन का इंजेक्शन लगाने 22 मई को सुबह करीब साढ़े आठ बजे पहुंचा था।

जीने पर चढ़ा तो दो लाशें पड़ी देख उल्टे पांव दौड़कर आया। बराबर में ही दुकान करने वाले वीरेंद्र उर्फ वीरू ने बताया कि उन्होंने कंपाउंडर से नीचे दौड़कर आने का कारण पूछा था।

जब कंपाउंडर ने उन्हें लाशों की बात बताई तो उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया था।

पड़ोस में रहने वाले विश्वबंधु गोयल ने बताया कि वारदात की रात उन्हें पड़ोसी ने फोन किया था कि सतीश गोयल के घर में शोर-शराबे की आवाज आ रही है। तब वह घर के नीचे पहुंचे, गेट खुला हुआ था।

उन्होंने आवाज लगाई, सतीश-सतीश। कोई जवाब नहीं आया। फिर आवाज लगाई तो आवाज आई...अभी आ रहा हूं। उन्हें लगा कि आवाज सचिन की है।

इस पर वे वापस अपने घर चले आए। सुबह वारदात की सूचना मिली। आटोवाले को पुलिस अभी तलाश नहीं पाई है, उसकी तलाश जारी है।

बयान खड़े कर रहे सवाल
ये बयान ये सवाल खड़े कर रहे हैं कि वारदात की रात झगड़े की आवाज लोगों ने सुनी थी। ये भी सुना गया कि चलो! जो होना था हो गया।

जबकि पुलिस की थ्योरी है कि राहुल ने किसी को बोलने या झगड़ने का मौका तक नहीं दिया। अगर ऐसा हुआ तो झगड़ा किससे हो रहा था।

बड़बोला राहुल...अब तो नाम ही काफी है
राहुल को जिस दिन पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस में पेश किया था। उससे पहले एसएसपी आवास पर राजनीतिक पार्टियों के नेतागण बुलाए गए थे। सूत्रों ने बताया कि राहुल ने सिपाहियों से पूछा था कि ये लोग क्यों आए हैं।
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सिपाही बोले, तुझसे मिलने आए हैं। इस पर राहुल का कहना था कि अब तो उसका नाम ही काफी है। लोग उसे नाम से ही पहचान लेंगे।
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