अरौल कस्बे के सर्राफा दुकानदार और गेस्ट हाउस संचालक की 23 मार्च को नसिरापुर बांगरमऊ, उन्नाव में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मृतक के दो करीबी दोस्तों को हिरासत में लिया था। लेकिन घटना के बाद पांच दिन बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। परिजनों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही से आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ितों ने जल्द खुलासा न होने पर उन्नाव पुलिस पर लापरवाही का आरोप भी लगाया है।
कोतवाली क्षेत्र के गजना गांव निवासी सुदीप कटियार (32) हत्याकांड में अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं आने पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पीड़ित पिता कुलदीप कटियार ने बताया कि पुत्र की हत्या षड्यंत्र के तहत अरौल से बांगरमऊ ले जाकर की गई है। उन्नाव पुलिस ने मनोज कटियार पुत्र अनिल निवासी शेषपुर धर्मशाल, रजनीश पुत्र रामसेवक निवासी नसिरापुर थाना बांगरमऊ जिला उन्नाव को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने भरोसा दिलाया था कि हत्या के पर्याप्त सबूत मिल गए हैं, घटना का जल्द खुलासा कर दिया जाएगा। आरोपियों को जेल भेज दिया जाएगा। घटना के पांच दिन गुजर चुके हैं, पुलिस को खुलासा नहीं कर सकी। कुलदीप कटियार ने खाड़ामऊ के सचिन, महदेवा के आयुष सहित हाशिमपुर गांव के शीलू व विजय पर भी षड्यंत्र में शामिल होने का अंदेशा जताया है। उक्त सभी बेटे सुदीप के बीते चार वर्षों से गहरे दोस्त थे।
सट्टा सहित शेयर मार्केट में धन कमाने में संलिप्त थे। सुदीप के सभी दोस्तों पर एक से चार लाख रुपये की लेनदारी थी। बांगरमऊ स्थित मधुर मिलन गेस्ट हाउस की बिक्री का रुपया इन्हीं चार-पांच दोस्तों ने दबा रखा था। सुदीप लंबे समय से पैसे देने का तगादा कर रहा था। लेन-देन में उनके पुत्र की हत्या की गई है। आरोप लगायाकि उन्नाव पुलिस हत्यारों की धरपकड़ में सक्रियता नहीं दिखा रही है।