यूपी में चंदौली सदर कोतवाली क्षेत्र के बनौली खुर्द गांव में शुक्रवार को पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से एक ही परिवार से चार बच्चों की मौत हो गई। बच्चे खेत में जमा पानी में नहा रहे थे। इस दौरान खेत में जेसीबी से खोदे गए गड्ढे में चले गए। इस घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। गांववालों ने काफी मशक्कत के बाद शवों को पानी से बाहर निकाला। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने सभी को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया।
बनौली खुर्द निवासी गोविंद जायसवाल की पुत्री जागृति (13) और पुत्र कुंदन (10) उनके भतीजे अखिलेश का पुत्र शुभम (10) और दूसरे भतीजे अनिल की पुत्री रेनू (12)
और पुत्र हर्ष (10) घर से कुछ ही दूरी पर पानी से भरे खेत में नहाने के लिए चले गए। खेत पड़ोसी गांव बसिला के भग्गू का था।
भग्गू ने अपने खेत में जेसीबी से 10 फीट खुदाई कराकर मिट्टी निकाली थी। पांचों बच्चे बगैर घरवालों की जानकारी के पानी में नहा रहे थे। इसी दौरान कुंदन और शुभम नहाते-नहाते गड्ढे में चले गए और डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए जागृति और रेनू भी गहरे पानी में उतर गईं लेकिन कोई तैरना नहीं जानता था। इस तरह चारों बच्चे पानी में डूबने लगे।
अपने भाई-बहनों को डूबता देख हर्ष शोर मचाते हुए गांव में भागा और लोगों को जानकारी दी। जब तक गांव वाले घटना स्थल तक पहुंचते, चारों बच्चे गहरे पानी में समा चुके थे। काफी प्रयास के बाद ग्रामीणों ने सभी शवों को बाहर निकाला। यह खबर क्षेत्र में फैल गई और देखते ही देखते वहां सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया।
मुख्यमंत्री राहत कोष को भेजा जाएगा पत्र
बनौली खुर्द गांव में चार बच्चों के डूबने की सूचना के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी तत्काल मौके पर पहुंचे। एडीएम तिलकधारी और सदर एसडीएम गिरीश कुमार ने लेखपाल और कानूनगो के साथ स्थिति का जायजा लिया और लोगों से घटना की जानकारी हासिल की।
एडीएम ने बताया कि परिजनों की आर्थिक स्थिति का आकलन करने के बाद आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष को पत्र भेजा जाएगा।