भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की ही तरह पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या की साजिश भी जेल में रची गई थी? इसी शक के आधार पर पुलिस टीम ने यहां सेंट्रल जेल में बंद सर्वेश सिंह के धुर विरोधी ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू से शुक्रवार को पूछताछ की।
विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद यह बात सामने आई थी कि हत्या की साजिश गाजीपुर जिला जेल में बुनी गई थी।
सर्वेश सिंह की हत्या पर आजमगढ़ में बवाल
पुलिस अधिकारियों को शक है कि पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या सेंट्रल जेल में बंद आजमगढ़ जिले के अजमतगढ़ इलाके के रहने वाले कुंटू के इशारे पर हुई है।
पुलिस की एक टीम ने शिवपुर सेंट्रल जेल में ढाई माह से बंद कुंटू से पूछताछ की। हालांकि उसने घटना के बारे में कोई भी जानकारी होने से इनकार किया, लेकिन पुलिस मोबाइल टावर से सुराग निकालने का प्रयास कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि एक पखवारे के भीतर जेल में कुंटू से मिलने के लिए कौन-कौन लोग आए थे। पुलिस के मुताबिक कुंटू का संबंध मऊ जिले के गैंगस्टर और जरायम की दुनिया से राजनीति का सफर तय करने वाले आजमगढ़ के एक माननीय से है।
जांच के बाद ही लिया जाएगा निर्णय
एडीजी कानून व्यवस्था अरुण कुमार देर रात साढ़े नौ बजे जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या के बाद हुई हिंसा की घटना की जांच कराई जाएगी।
अब तक जो सामने आया है, उसके मुताबिक पूर्व विधायक की हत्या के बाद आक्रोशित भीड़ ने थाने पहुंच कर तोड़फोड़ कर आगजनी की। इस दौरान पुलिस ने अपनी रक्षा कर रही थी।
चौहरे हत्याकांड की पैरवी से थी रंजिश
सर्वेश सिंह की हत्या के पीछे वर्ष 2004 की घटना भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के चुनगपार गांव के मोड़ पर चौहरे हत्याकांड का आरोप ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू पर था।
घटना में सख्त कार्रवाई पर कुंटू ने माना कि सर्वेश सिंह के पिता रामप्यारे सिंह घटना की पैरवी कर रहे हैं।
बताते हैं कुंटू ने उन्हें फोन कर प्रकरण में पैरवी न करने, और बेटे को राजनीति से दूर रखने की हिदायत दी थी। यहीं से शुरू हुई रंजिश की नींव समय के साथ और गहरी होती गई।