जमीन को लेकर फर्जीवाड़े से राजनेता भी नहीं बच पाए हैं। मध्यप्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे श्यामचरण शुक्ल का छह साल पहले निधन होने के बाद एक व्यक्ति ने श्यामचरण शुक्ल बनकर उनकी लखनऊ स्थित जमीन फर्जीवाड़ा कर बेच दी।
आरोपी ने इसके लिए श्यामचरण शुक्ल के नाम से नकली दस्तावेज बनाए और उनकी मोहनलालगंज के मीनापुर गांव में 21 बीघा जमीन बेच दी।
मोहनलालगंज पुलिस थाने में इस मामले की एफआईआर दर्ज की गई है।
मामला सामने आने पर राज्य सरकार ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
बेचने वाला और खरीदार दोनों गायब
अभी तक की जांच में सामने आया कि रजिस्ट्री ऑफिस के रिकॉर्ड के अनुसार श्यामचरण शुक्ल ने अपनी जमीन इस साल दो अप्रैल को बेची है।
बेचने वाले ने राकेश भारद्वाज के लिए इस जमीन की रजिस्ट्री कराई है। इसके लिए आरोपी ने नकली पहचान पत्र की कॉपी भी दी। रजिस्ट्री में दस-दस लाख के दो चैक देने का जिक्र भी किया गया है लेकिन चैक के नंबर, बैंक का नाम और खाता संख्या नहीं दिया गया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जो पहचान पत्र दिया गया है उसमें शुक्ल की तस्वीर न होकर किसी 40-45 साल के व्यक्ति की तस्वीर है।
इस फर्जीवाड़े में जमीन खरीदने वाले राकेश भारद्वाज और दो गवाहों अनूप गुप्ता व राजेश तिवारी का नाम सामने आ रहा है, जो अभी फरार हैं।