करैत को मानव शरीर की गर्मी और गंध करती है आकर्षित
जिला वन अधिकारी भानेंद्र सिंह ने बताया कि करैत एक ठंडे खून वाला सांप है। रात के समय जब तापमान गिरता है तो करैत गर्मी की तलाश में निकलता है। सोते हुए इंसान का शरीर गर्मी और गंध छोड़ता है जिससे आकर्षित होकर करैत रजाई, गद्दे, चादर या पलंग के अंदर घुस जाता है। करैत दिन के समय पूरी तरह सुस्त रहता है और शांत जगहों पर पड़ा रहता है। यह मुख्य रूप से रात 10 बजे से तड़के 4 बजे के बीच शिकार के लिए निकलता है। करैत का मुख्य भोजन छोटे चूहे, छिपकलियां और अन्य छोटे सांप होते हैं। चूहे अक्सर भोजन की गंध या अनाज की तलाश में घरों और लोगों के बिस्तरों के आसपास पहुंचते हैं, जिनका पीछा करते हुए करैत बिस्तर तक पहुंच जाता है। करैत के दांत बहुत छोटे और सूई जैसे बारीक होते हैं। जब यह सोते हुए इंसान को डसता है, तो इसका अहसास किसी चींटी या मच्छर के काटने जैसा होता है। व्यक्ति को लगता है कि कोई कीड़ा काट गया है और वह बिना ध्यान दिए सोता रहता है। मगर इसका जहर सीधे तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है। डसने के बाद सूजन या तेज दर्द नहीं होता लेकिन धीरे-धीरे पेट में ऐंठन, पलकों का झुकना, बोलने में दिक्कत और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। नींद में ही जहर फैलने के कारण व्यक्ति को संभलने का मौका नहीं मिलता।
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