फिरोजाबाद। नारखी ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदी में कक्षा एक के छात्र यश के शौचालय में बंद होने के दूसरे दिन ग्रामीणों में शिक्षकों के रवैये को लेकर आक्रोश रहा। वहीं, छात्र यश घटना के अगले दिन मंगलवार को विद्यालय नहीं आया। यश पिता से बोला कि पापा स्कूल नहीं जाऊंगा, अब डर लगता है और रोने लगा। बच्चे की यह बात सुनकर पिता भी भावुक हो गए। इधर, लापरवाही पर बीएसए ने विद्यालय के सभी शिक्षकों को उनका पक्ष जानने के लिए कार्यालय में बुलाया।सोमवार को प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदी में शिक्षकों की लापरवाही की वजह से एक छात्र विद्यालय के शौचालय में पांच घंटे तक बंद रहा था। तलाश के कई घंटे के बाद छात्र के पिता को यश विद्यालय के शौचालय में बंद मिला था। ग्रामीणों में शिक्षकों के खिलाफ आक्रोश था। प्रथम दृष्टया प्रधानाध्यापक प्रवीन कुमार को एबीएसए ने निलंबित करने की संस्तुति की। मंगलवार को स्कूल का माहौल बदला नजर आया। कई ग्रामीण स्कूल पहुंचे। उन्होंने गुस्सा जाहिर किया। अन्य दिनों के मुकाबले मंगलवार को विद्यालय में छात्र संख्या कम रही। शौचालय में बंद होने वाला छात्र यश दूसरे दिन भी सामान्य स्थिति में नहीं आ सका। वह अपने पिता की गोद में रहा।
इधर, बीएसए आशीष पांडेय ने सभी शिक्षकों को सुनवाई के लिए बुलाया। इसमें लापरवाही किसकी है, एक-एक शिक्षक से पूछताछ की। मामले की जांच एबीएसए उपेंद्र सिंह को सौंप दी।
प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदी में शिक्षकों की लापरवाही नजर आई है। नौ शिक्षकों व शिक्षामित्र का स्टाफ है। हमने सुनवाई में शिक्षकों का पक्ष जाना है, जिससे लापरवाही समझ में आए और दोषी पर कार्रवाई हो सके। प्रधानाध्यापक के अलावा जो शिक्षक कक्षा में था, उसकी लापरवाही भी नजर आ रही है। जांच के बाद लापरवाही पर कार्रवाई करेंगे।
आशीष पांडेय, बीएसए