फिरोजाबाद। सर्दी का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन परिषदीय स्कूलों में बच्चे जूते-मौजा स्वेटर पहनकर नहीं आ रहे हैं। क्यों कि नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के सात महीने बाद भी जिले में 43 हजार से अधिक बच्चों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत धनराशि नहीं मिली है। डीबीटी में 1200 रुपये प्रति छात्र मिलते हैं, जिससे यूनिफार्म, स्वेटर, जूता-मोजा, स्टेशनरी आदि खरीदना होता है। ऐसे में इन बच्चों के पास स्वेटर या जूता-मोजा खरीदने के पैसे नहीं है। जिन बच्चों को पहले धनराशि मिल चुकी हैं, उनमें भी ज्यादातर लोगों ने अब तक स्वेटर या जूता-मोजा नहीं खरीदे हैं। जिले में 1827 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें कक्षा एक से आठ तक 1 लाख 44 हजार 421 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें से 1 लाख 5 हजार 646 बच्चों को ही डीबीटी के तहत धनराशि भेजी गई है।
ये बच्चे भी अलग-अलग चरणों में लाभान्वित हुए हैं। अभी भी 43 हजार बच्चों को डीबीटी के तहत धनराशि नहीं मिली है। इनमें 10 हजार से अधिक बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं हैं, जिससे उनका सत्यापन कार्य शुरू नहीं हो सका है। बगैर आधार के इन्हें लाभ मिल पाना संभव नहीं है। बाकी बच्चों के मामले में विद्यालय, ब्लॉक और जिला स्तर पर लंबित हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष पांडेय का कहना है कि बच्चों का सत्यापन शीघ्र कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है। जिन बच्चों को धनराशि मिल गई है, उनके अभिभावकों को समझाया जा रहा है कि अपने बच्चों को फुल यूनिफार्म में स्कूल भेजें।