- एनसीआर में बारिश व हथिनीकुंड से लगातार पानी छोड़ जाने से उफन रही यमुना
संवाद न्यूज एजेंसी
टूंडला। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के बाद हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से यमुना जलस्तर भी निरंतर बढ़ रहा है। सोमवार को करीब दो फीट पानी और बढ़ गया। दोबारा पानी भरने से बाजरा व सब्जियों की फ़सलें नष्ट हो रही है।
एनसीआर व पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के चलते बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। पिछले पांच दिनों से हथिनीकुंड बैराज लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते दिल्ली, मथुरा के बाद टूंडला क्षेत्र में भी यमुना फिर से उफान है। यमुना के पानी ने इस माह में तीसरी बार रुधऊ मुस्तकिल, नगला केसों, छाहरी, रसूलाबाद, रामगढ़, नगला काले, क़ुतुकपुर, नगला राजपति, ग्वारई व नियामतपुर के खादरो की खेतों में बाजरा, ज्वार, मक्का व सब्जियां आदि फसलें जलमग्न हो गईं हैं।
नगला केसों निवासी किसान अरविंद कुमार ने बताया कि सोमवार को यमुना का जलस्तर दो फ़ीट और बढ़़ा है। जलस्तर बढ़ने से उनकी ज्वार, लौकी, काशीफल व परमल की फसलों में पानी घुस गया है। रसूलाबाद निवासी अमृत लाल, दयाराम, दौलतराम, सोनपाल ने बताया की बाजरा की फसल में तीसरी बार पानी घुसने से खेतों में ही फसल सड़ने लगी है। अब पशुओं के लिए भी चारे का संकट खड़ा हो गया है।
रामगढ़ निवासी सरमन सिंह ने बताया कि खादर में बोई सब्जियां नष्ट हो गयीं हैं। वहीं ग्वारई निवासी निरंजन सिंह धाकरे ने बताया कि दो बार में बची बाजरा की फ़सल में तीसरी बार पानी प्रवेश करने से नष्ट हो गई है। अब और जलस्तर बढ़ा तो काफी नुकसान होगा।