फिरोजाबाद। जिले में यमुनापारी बकरियों की नस्ल सुधारी जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय बकरी अनुसंधान परिषद मकदूम के वैज्ञानिकों की देखरेख में अभियान चलेगा। नस्ल सुधार के लिए बकरी दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए तीस जनवरी को शिकोहाबाद ब्लाक की ग्राम पंचायत मोहिनीपुर में बकरी प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसमें यमुनापारी बकरी नस्ल की बकरी पालने वाले लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। इन्हें आर्थिक मदद के जरिए बकरी पालन और नस्ल सुधार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
यमुना की तलहटी से सटे फिरोजाबाद, आगरा, इटावा एवं औरेया जनपद में बकरी दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की संभावनाएं हैं। स्थानीय पशु पालकों द्वारा पाली जाने वाली यमुना पारी नस्ल की बकरियों की दुग्ध उत्पादन क्षमता में बढ़ोत्तरी के लिए एक खास कार्य योजना जिले में संचालित की जाएगी। कार्य योजना के तहत यमुना पारी बकरियों की दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए उनकी नस्ल सुधार को चयनित लाभार्थियों को नस्ल का बकरा दिया जाएगा। पशुपालक किसान बकरा के माध्यम से ही अपनी बकरियों की प्रजनन प्रक्रिया पूरी कराएंगे।
बकरी अनुसंधान परिषद मकदूम की निगरानी में चलेगा अभियान
जिले में बकरियों की दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का प्रयास राष्ट्रीय बकरी अनुसंधान परिषद मकदूम आगरा के वैज्ञानिकों की निगरानी में होगा। इसके लिए अनुसंधान परिषद द्वारा दो वरिष्ठ वैज्ञानिकों को इसका दायित्व सौंपा गया है।
जनपद में दूध देने वाली बकरियों की संख्या है 1950
जिले में दूध देने वाली बकरियों की संख्या करीब 1950 है। सभी बकरियां यमुना पारी नस्ल की हैं। तीस जनवरी को मोहिनीपुर शिकोहाबाद में बकरियों की प्रदर्शनी आयोजित होगी। प्रदर्शनी के दौरान करीब 350 बकरियों को नस्ल सुधार के लिए चयनित किया जाएगा। लाभार्थी किसान को बकरी, बकरा के भरण पोषण को जरूरी धनराशि भी दी जाएगी।
यमुनापारी बकरियों की नस्ल सुधार के जरिए दुग्ध उत्पादन की प्रबल संभावना है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के माध्यम से बकरी पालक किसानों की बकरियों की नस्ल सुधार कराएंगे। लाभार्थी किसान को तीन हजार रुपये बकरी के भरण पोषण एवं प्रति 30 बकरियों के प्रजनन को एक खास नस्ल का बकरा एवं उसके भरण पोषण को प्रति लाभार्थी पांच हजार रुपये अलग से दिए जाएंगे।
डॉ. प्रभंजन शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी