नोएडा अथॉरिटी एवं यमुना एक्सप्रेस-वे के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की फीरोजाबाद के मोहल्ला दुली स्थित ससुराल पर सीबीाआई की टीम ने छापा मारा। ससुराल में ताला लटका मिलने पर टीम के सदस्यों ने घर के फोटोग्राफ लेने के साथ ही पड़ोसियों से ससुरालीजनों की जानकारी ली। तीन सदस्यीय टीम करीब दो घंटे तक मोहल्ले में रही।
नोएडा अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की ससुराल सुहागनगरी के मोहल्ला दुली में है। मोहल्ला दुली निवासी रामप्रसाद चौधरी की सबसे छोटी बेटी कुसुमलता का विवाह यादव सिंह से 1980 में हुआ था। यादव सिंह प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद मंगलवार को सीबीआई की एक टीम सुहागनगरी पहुंची। करीब सुबह साढ़े सात बजे सीबीआई के डीएसपी तेजपाल सिंह के निर्देशन में टीम पहले सीएमओ के दबरई पर स्थित कार्यालय पहुंची। टीम में मुकेश कुमार मीना के साथ ही एक अन्य सदस्य थे। सीबीआई की टीम एसीएमओ डा. एसकेएस राना और डा. प्रताप सिंह को साथ लेकर करीब साढ़े आठ बजे यादव सिंह की ससुराल मोहल्ला दुली में छापेमारी की। इस दौरान यादव सिंह के ससुराल में ताला लटका मिला। इस पर टीम ने ताला तुड़वाने का प्रयास किया लेकिन ताले नहीं टूट सके। गली संकरी होने के कारण टीम ने मकानों की फोटोग्राफी की। क्षेत्रीय महिला पुरुषों से ससुरालीजनों के बारे में ब्योरा जुटाया। हालांकि पड़ोसी यादव सिंह के परिवारीजनों के संबंध में जानकारी देने से बचते नजर आए। करीब साढ़े दस बजे टीम जिले से रवाना हुई। सीबीआई टीम के छापे की खबर तो लगते ही मोहल्ले में हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय बाशिंदे अब कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।
अब दिल्ली-नोएडा में रहते हैं ससुरालीजन
मोहल्ला दुली निवासी चौधरी रामप्रसाद के तीन बेटे और तीन बेटियां थीं। इनमें सुरेशचंद्र, ताराचंद्र और बाबू सिंह एवं बेटियों में गंगा, शकुंतला और कुसुमलता है। सबसे छोटी बेटी कुसुमलता का विवाह यादव सिंह के साथ 1980 में हुआ था। कुसुमलता के भाई सुरेश की पत्नी के नाम से राशन की दुकान थी। तीन वर्ष पूर्व सुरेशचंद्र की मौत के बाद उसका परिवार दिल्ली एवं नोएडा में ही रहने लगा था।
करीबियों की नींद उड़ी
यादव सिंह के ससुराल में सीबीआई का छापा पड़ने की सूचना पर उसके करीबी रहे सुहागनगरी के कई बाशिंदों की नींद उड़ गई। टीम के आने की भनक लगते ही वे भाग गए। बताते हैं कि यादव सिंह के करीबी रहकर एक तेल माफिया ने करोड़ों की कमाई की।