गांव छांहरी स्थित ठार माता मंदिर परिसर में आयोजित दंगल में अंतिम कुश्ती के लिए हुशियार सिंह से किसी ने हाथ नहीं मिलाया। उन्हें सेला देकर सम्मानित किया गया। दंगल में अनवारा के पहलवान सतीश ने हाथरस के पहलवान सोनू को पराजित किया। नगला गोकुल के पहलवान ने ताजगंज के पहलवान हरदेव को हराया।
मथुरा के पहलवान जितेंद्र ने फिरोजाबाद के पहलवान टिल्लू को पटखनी दी। शमशाबाद के पहलवान बली ने नगला बरी के पहलवान विनोद को चित कर दिया। अंत में अनवारा के पहलवान हुशियार सिंह से कोई पहलवान लड़ने दंगल में नहीं उतरा। निर्णायकों ने हुशियार सिंह को प्रथम पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इससे पूर्व दंगल का शुभारंभ करते हुए समाजसेवी दादा लोचन सिंह ने कहा कि देश के पहलवानों ने विदेशों में कुश्ती लड़कर दुनियाभर के पहलवानों को पछाड़कर देश का नाम रोशन किया है। कुश्ती की इस कला को आगे बढ़ाने की जरूरत है। इस मौके पर आयोजक कांशीराम, लीलाधर वर्मा, पंचम सिंह, गोकुल सिंह, गनेशीलाल, श्रीकृष्ण, बासदेव सिंह, सुरेंद्र सिंह, बालकिशन, सीताराम, तेजपाल सिंह आदि उपस्थित थे।