स्ट्रेचर नहीं मिलने पर महिला को हाथों में ले जाते लोग।
थाना क्षेत्र के गांव बड़ा गांव में चाचा ने अपनी गर्भवती भतीजी पर हमला कर घायल कर दिया। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। बेहोश महिला को परिवारीजन सीएचसी लेकर पहुंचे लेकिन यहां महिला को स्ट्रेचर तक नहीं मिला। बमुश्किल लोग उसे इमरजेंसी तक ले गए। यहां से उसे गंभीरावस्था में जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
थाना क्षेत्र के गांव कटौरा निवासी बंटू अपनी ससुराल बड़ा गांव में है। उसकी पत्नी अनीता आठ माह की गर्भवती है। अनीता के चाचा ने उसके मकान के सामने बकरियां बांध दी, जिसे अनीता ने खोल दिया। अनीता के बकरियां खोलने पर चाचा पक्ष के लोगों ने गालियां देते हुए मारपीट कर दी। गर्भवती महिला ने विरोध किया तो चाचा ने पेट में लात के साथ डंडा मार दिया। डंडा लगते ही अनीता जमीन पर गिरकर बुरी तरह से तड़पने लगी और बेहोश हो गई। अनीता के बेहोश होते ही आरोपी पक्ष भाग गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई लेकिन कोई नहीं मिला। सरकारी एंबुलेंस से पति बंटू महिला को लेकर सीएचसी पहुुंचा लेकिन यहां स्ट्रेचर नहीं मिली। बाद में, अन्य लोगों की मदद से महिला को चिकित्सक के पास तक ले जाया गया। गंभीर हालत में में डा. कुलदीप तोमर ने महिला को जिला अस्पताल में रेफर कर दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने कहा कि अभियोग दर्ज कर महिला का मेडिकल कराया गया है। कार्रवाई की जा रही है। सीएचसी प्रभारी डा. कुलदीप तोमर का कहना है कि स्ट्रेचर सीएचसी के बाहर रखा रहता है लेकिन लोग मरीज को जल्दी में लेकर आते हैं। स्ट्रेचर नहीं लेते हैं। स्ट्रेचर की मदद लेने से किसी को नहीं रोका जाता।