रतन विहार की दीवार, जिसको लेकर विवाद है।
सुहागनगर स्थित रतन बिहार के बीच में लगी दीवार तोड़ने पहुंचे अधिकारियों को विरोध के चलते बैरंग लौटना पड़ा। तहसील दिवस में हुई शिकायत के निस्तारण के लिए विकास प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।
तहसील दिवस में विवेक गुप्ता द्वारा शिकायत की गई कि रतन बिहार के बीचोंबीच लगी दीवार अवैध है। दीवार से आवागमन में परेशानी होती है। तहसील दिवस की शिकायत के निस्तारण के लिए सोमवार को विकास प्राधिकरण के प्रभारी एक्सईएन एसएन प्रसाद के नेतृत्व में टीम सुहागनगर स्थित रतन बिहार पहुंची। दीवार तोड़ने के लिए नगर से जेसीबी भी मंगा ली गई। अधिकारियों और जेसीबी के पहुंचते ही दुकानदारों ने विरोध कर दिया। संजय मित्तल का कहना था कि यह प्राइवेट जमीन है। हमने अपनी सुरक्षा के लिए दीवार लगवाई है। दीवार टूट जाएगी तो यहां आए दिन घटनाएं होंगी। विकास प्राधिकरण अधिकारियों ने रतन बिहार का नक्शा भी देखा लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। विरोध के चलते अधिकारियों का लौटना पड़ा। मौके पर नगर निगम के सहायक अभियंता ट्रैफिक आरके तिवारी, प्राधिकरण के जेई राजकपूर, सरोज कुमार के अलावा संजय मित्तल, वेदप्रकाश गुप्ता, मनोज गुप्ता, सोनू शर्मा, अनुज शर्मा आदि मौजूद थे।
सिटी मजिस्ट्रेट ने आवास विकास के अफसर किए तलब
विकास प्राधिकरण अफसरों ने पूरे मामले से सिटी मजिस्ट्रेट एसबीएस यादव को अवगत कराया गया। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करने वालों को प्राधिकरण आफिस बुलाया। सिटी मजिस्ट्रेट ने कागजात और नक्शा देखने के बाद मामले के निस्तारण के लिए आगरा से आवास विकास के अधिकारियों को तलब किया।