रामलीला प्रांगण में गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्म कथा के मनोहारी वर्णन के दौरान भक्त झूम उठे। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की..... गूंज रामलीला प्रांगण में चारो ओर सुनाई दी। श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की लीला के वर्णन के साथ बालकृष्ण की झांकी के दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। सोह्म पीठाधीश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि जो धर्म की अवहेलना करता है उसका पतन होना निश्चित है।
भागवत कथा व्यास पंडित रामगोपाल शास्त्री ने गुरुवार को कृष्णजन्म की कथा का मनोहारी वर्णन करते हुये कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ा है तो भगवान धर्म की रक्षा को किसी न किसी रूप में प्रकट हुए।
वहीं अखिल भारतीय सोह्म महामंडल शाखा फीरोजाबाद के 36वें संत सम्मेलन में पीठाधीश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि कृति, क्षमा, दया, अस्तेय, शौच, इंद्रिय, निग्रह, बुद्धि, विद्या, सत्य, अक्रोध ये दस धर्म के लक्षण हैं। इनको धारण करने वाला व्यक्ति महान हो जाता है। महामंडलेश्वर स्वामी शुकदेवानंद ने सामान्य तथा भागवत धर्म का अंतर समझाया। स्वामीशिवचैतन्य ने कहा धर्म से सब कुछ धारण किया जा सकता है। स्वामी सत्यानंद महाराज,स्वामी ज्ञानानंद, प्रीमदास, निगमानंद, आनंद स्वरूप आदि ने प्रवचन दिए। संत महापुरुषों का नरेंद्र शर्मा, जीके शर्मा, विपिन शर्मा, महेश छिंगागुरु, महेश यादव, अनिल कुमार मित्तल, सिद्धार्थ नागर, उमाकांत पचौरी, प्रमोद माहेश्वरी आदि ने सम्मान किया।
धर्मदेव महाराज के उद्बोधन आज
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। संस्कृत महाविद्यालय हरियाणा के पटौदी से आए धर्मवक्ता एवं प्राचार्य स्वामी धर्म देव महाराज का विशेष उद्बोधन शुक्रवार 19 दिसंबर को रामलीला प्रांगण में किया जाएगा। फोटो - नंद के आनंद भयो,जय कन्हैयालाल की.....
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूमा रामलीला प्रांगण
आकर्षक झांकियों के दर्शन से भक्त आह्लादित
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। रामलीला प्रांगण में गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्म कथा के मनोहारी वर्णन के दौरान भक्त झूम उठे। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की..... गूंज रामलीला प्रांगण में चारो ओर सुनाई दी। श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की लीला के वर्णन के साथ बालकृष्ण की झांकी के दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। सोह्म पीठाधीश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि जो धर्म की अवहेलना करता है उसका पतन होना निश्चित है।
भागवत कथा व्यास पंडित रामगोपाल शास्त्री ने गुरुवार को कृष्णजन्म की कथा का मनोहारी वर्णन करते हुये कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ा है तो भगवान धर्म की रक्षा को किसी न किसी रूप में प्रकट हुए।
वहीं अखिल भारतीय सोह्म महामंडल शाखा फीरोजाबाद के 36वें संत सम्मेलन में पीठाधीश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि कृति, क्षमा, दया, अस्तेय, शौच, इंद्रिय, निग्रह, बुद्धि, विद्या, सत्य, अक्रोध ये दस धर्म के लक्षण हैं। इनको धारण करने वाला व्यक्ति महान हो जाता है। महामंडलेश्वर स्वामी शुकदेवानंद ने सामान्य तथा भागवत धर्म का अंतर समझाया। स्वामीशिवचैतन्य ने कहा धर्म से सब कुछ धारण किया जा सकता है। स्वामी सत्यानंद महाराज,स्वामी ज्ञानानंद, प्रीमदास, निगमानंद, आनंद स्वरूप आदि ने प्रवचन दिए। संत महापुरुषों का नरेंद्र शर्मा, जीके शर्मा, विपिन शर्मा, महेश छिंगागुरु, महेश यादव, अनिल कुमार मित्तल, सिद्धार्थ नागर, उमाकांत पचौरी, प्रमोद माहेश्वरी आदि ने सम्मान किया।