फिरोजाबाद। थाना उत्तर क्षेत्र के सरकारी ट्रामा सेंटर में एक ई-रिक्शा चालक महिला को अचेत अवस्था में लेकर आया था। उसके साथ महिला का पांच वर्षीय बेटा भी था। चिकित्सक ने परीक्षण के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। चौकी पुलिस ने जानकारी मायका पक्ष को दे दी। दोपहर में पहुंचे महिला के पिता, बच्चे और महिला के शव को वापस अपने घर ले गए। सरकारी ट्रामा सेंटर में इसकी कोई एंट्री भी नहीं की गई। सरकारी ट्रामा सेंटर में मंगलवार की सुबह करीब छह बजे एक ई-रिक्शा चालक एक महिला को अचेत अवस्था में लेकर पहुंचा। जहां चिकित्सक ने महिला का परीक्षण करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। ई-रिक्शा चालक के साथ महिला का करीब पांच वर्षीय बेटा भी था। चालक रुपये खुले कराने की बात कहकर वहां से चंपत हो गया। स्टाफ ने जानकारी चौकी पुलिस को दी। पुलिस ने सुरागकसी के बाद महिला के मायके का पता लगाकर उन्हें सूचना दे दी। सुबह करीब 11 बजे के आसपास महिला के पिता मैनपुरी करहल के गांव बुरामई निवासी महेशचंद्र आ गए।
उन्होंने अपनी बेटी की पहचान ममता उर्फ लड़ैती निवासी इटौली जसराना के रूप में की। साथ ही महिला के बेटे का नाम पांच वर्षीय अंश बताया। महेशचंद्र अपनी बेटी के शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ही मैनपुरी ले गए। चौकी पुलिस के अलावा थाना प्रभारी को मामले की भनक तक नहीं लगी। ममता के पिता ने शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया। उसकी मौत का कारण भी किसी को पता नहीं है। उत्तर थाना प्रभारी राजेश पांडेय ने बताया कि मामले की जानकारी की गई थी। अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे चेक कराए जा रहे हैं, जिससे महिला को लाने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके।
मां के शव को लिपटकर रोता रहा बेटा
सुबह सरकारी ट्रामा सेंटर के बाहर जिसने भी यह दृश्य देखा उसकी आंखें नम हो गई। पांच वर्षीय मासूम अपने मृत मां के शरीर से लिपटकर सिसकियां ले रहा था। उसके इर्द गिर्द परिवार का कोई सदस्य नहीं था। लोगों की समझ नहीं आ रहा था कि आखिरकार इस मासूम को कैसे दिलाशा दें।