फिरोजाबाद। पारा चढ़ने के साथ ही शहर में पानी का संकट शुरू हो गया है। कहीं नलकूप तो कहीं पर पाइपलाइप से पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। कहीं टंकी से पानी की सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है। जलकल विभाग द्वारा टैंकरों से सप्लाई भेजी जा रही है। टैंकर पहुंचते ही लोगों की भीड़ पानी भरने के लिए जुट जाती है।
इस दौरान आपाधापी के कारण कोरोना संक्रमण से सतर्कता टूट जाती है। पानी भरने के दौरान सामाजिक दूरी का ख्याल नहीं रखा जाता है। उधर झालगोपालपुर नहर में भी घास जमा होने के कारण जलस्तर घट गया है। जिससे शहर में बनी पानी की टंकी और जलाशय नहीं भर पा रहे हैं।
कई दिनों से खराब पड़ा है नलकूप
सुहागनगरी सेक्टर चार स्थित दिवाकर पार्क में लगा नलकूप पिछले कई दिनों से खराब पड़ा हुआ है। इसके कारण क्षेत्र में पानी का भीषण संकट बना हुआ है। जलकल विभाग द्वारा भले ही टैंकरों से सप्लाई भिजवाई जा रही हो, लेकिन फिर भी लोगों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लोग मुरलीनगर के समीप लगे नलकूप से पानी ला रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यह नलकूप अक्सर खराब रहता है।
देवनगर में है पानी का संकट
मोहल्ला देवनगर स्थित बरी के समीप पाइप लाइन चोक होने के कारण मोहल्ला देवनगर और भीमनगर क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से पानी की सप्लाई बाधित है। लोग दूर दराज से पानी भरकर लाने को विवश हो रहे है। पाइप लाइन को ठीक कराने का कार्य जलकल विभाग द्वारा किया जा रहा है। लेकिन आज तक समस्या का निस्तारण नहीं हो सका।
इन क्षेत्रों में है पानी का संकट
झालगोपालपुर नहर में घास जमा होने के कारण शहर को मिलने वाले गंगाजल की सप्लाई बाधित है। बुधवार को सुहागनगर, इंद्रानगर, देवनगर, हिमायूंपुर, टापापेंठ, सांतीरोड, इंद्राकालोनी सहित अन्य क्षेत्रों में पानी का संकट रहा। इन क्षेत्रों में पानी के टैंकर भेजकर सप्लाई पहुंचाने का काम नगर निगम द्वारा किया गया।
- बुधवार को बिजली न आने के कारण सुबह दस बजे से दोपहर करीब एक बजे तक सैलई स्थित ट्रीटमेंट प्लांट बंद रहा। बुधवार शाम को दी जाने वाली पानी की सप्लाई बाधित हो गई। नहर में घास और सिल्ट जमा होने के कारण पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। नहर का जलस्तर बढ़ने के साथ ही शहर को पर्याप्त पानी मिलता रहेगा। - राकेश कुमार, एक्सईएन जल निगम फिरोजाबाद।
- शहर में पानी का संकट न रहे। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। टीम के साथ नहर का निरीक्षण किया गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया है। जिससे नहर की सफाई कराकर शहर को पर्याप्त पानी मिल सके। - चंदन सिंह, एक्सईएन जलकल विभाग।