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किसानों ने फिर खींचा नहर का पानी, शहर में गहराया जल संकट

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मायापुरी में टैंकर से पानी भरते लोग। - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। झालगोपालपुर नहर में किसानों ने फिर मोटर पंप के साथ पाइप डाल कर शहर को मिलने वाली गंगाजल की आपूर्ति को बाधित कर दिया। जिससे जल संकट गहरा गया। किसानों द्वारा पानी खींच लेने से नहर में जल स्तर तीन फीट से घट कर दो फीट ही रह गया। इससे शहर के जलाशय नहीं भरे पाए। बृहस्पतिवार को शहर को आधे घंटे ही पानी मिल सका। जल निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारी थाने से फोर्स लेकर पहुंचे और नहर में डाले गए मोटर पंप और पाइपों को हटवाया जब नहर का पानी नंदपुर पर बनाए गए इंटेक प्लांट तक पहुंच सका।
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झालगोपालपुर नहर के समीप परवई, अहमदपुर मढ़ा, शेखनपुर, साहूमई, नगला कोढ़र, जलालपुर और नगला हरीसिंह सहित अन्य गांव बसें है। शहर को गंगाजल देने के लिए झालगोपालपुर नहर से नंदपुर पर बनाए गए इंटेक प्लांट तक गंगाजल दिया जाता है। इंटेक प्लांट से पानी शोधन के बाद शहर के जलाशयों तक पहुंचता है। नंदपुर तक पानी आने के लिए नहर में कम से कम तीन फीट पानी होना जरूरी है। इससे कम पानी होने पर इंटेक प्लांट तक पानी नहीं पहुंच पाता। आसपास के किसान अक्सर नहर में मोटरपंप डाल कर सिंचाई के लिए पानी खींच लेते हैं। 12 जुलाई को भी किसानों ने रात में नहर का पानी खींच लिया था।
बृहस्पतिवार रात को भी ग्रामीणों ने नहर में अवैध रुप से पाइप डालकर खेतों की सिंचाई के लिए पानी लेना शुरू कर दिया। इससे नहर का जलस्तर साढ़े तीन फीट से घटकर दो फीट से कम रह गया। नहर का जलस्तर गिरने के साथ ही जहां शहर को सुबह आधा घंटे पानी आपूर्ति मिल सकी। वहीं शाम चार बजे दी जाने वाली आपूर्ति भी आंशिक रुप से प्रभावित रही। वहीं किसानों द्वारा नहर के पानी को सिंचाई के लिए प्रयोग किए जाने की सूचना पर शुक्रवार को सुबह सिंचाई विभाग के अवर अभियंता रविंद्र कुमार थाना फरिहा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के पाइपों को नहर से हटवाया। तब कहीं जाकर नहर का जलस्तर बढ़ सका।
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गांधी नगर, तिलक नगर, छपैटी, हनुमान रोड, दुर्गा नगर, नई बस्ती, शीशग्रान, ताडोवाली बगिया, कश्मीरी गेट आदि कई क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंचा। खेरा मोहल्ला निवासी दिगेंद्र भानु प्रताप सिंह भाष्कर का कहना है कि क्षेत्र में चार दिन से गंगाजल की सप्लाई बाधित है। मायापुरी मोहल्ले में भी लीकेज के कारण पानी का संकट रहा। यहां टैंकर भेज कर जलापूर्ति दी गई। लीकेज तलाशने के लिए जलकल विभाग ने गड्ढा खोदा है।
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