फिरोजाबाद। भूगर्भ जल का दोहन संबंधी गतिविधियों की मॉनीटरिंग व जांच टास्क फोर्स गठन के बाद कांच, चूड़ी व अन्य श्रेणी के प्रतिष्ठानों द्वारा भूगर्भ जल संरक्षण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। बीते 15 दिन में 12 प्रतिष्ठानों ने एनओसी प्राप्त कर ली। जबकि पांच अन्य ने आवेदन किए हैं।टीटीजेड एरिया में बगैर एनओसी भूगर्भ जल का दोहन कर रहीं करीब 450 इकाइयों व प्रतिष्ठानों को भूगर्भ जल संरक्षण विभाग आगरा द्वारा बीते जुलाई-अगस्त में नोटिस जारी किए थे। वहीं मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी रमेश रंजन ने भी बीते दिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उपायुक्त उद्योग, संबंधित तहसीलों के उपजिलाधिकारी एवं भूगर्भ जल संरक्षण विभाग को नोडल अधिकारी बनाया था। टास्क फोर्स ने एक पखवाड़ा के भीतर कई प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण भी किया। वहीं निरीक्षण व जांच कार्रवाई शुरू होते ही अब तक करीब 15 प्रतिष्ठानों ने भूगर्भ जल दोहन के लिए विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल कर लिए हैं। जबकि कई अन्य ने एनओसी के लिए अपने ऑनलाइन आवेदन किए हैं।
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इन शीतगृहों ने एनओसी के लिए किया आवेदन
एसपी आइस कोल्ड स्टोरेज, कायमगंज कोल्ड स्टोरेज, आरसी आइस एंड कोल्ड स्टोरेज, हरदयाल कोल्ड स्टोरेज के अलावा हरदयाल प्रिंजरवेंशन स्टोर।
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-जिलाधिकारी के निर्देश पर टास्क फोर्स में शामिल विभागों के साथ भूगर्भ जल दोहन कर रहीं इकाइयों व प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। बगैर एनओसी एवं वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जल दोहन करने वाली इकाइयों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अवधेश भाष्कर, हाइड्रोलिजिस्ट भूगर्भ जल संरक्षण विभाग आगरा