जसराना (फिरोजाबाद)। प्रशासनिक अधिकारियों पर पक्षपात और सुनवाई न करने का गंभीर आरोप लगाकर जसराना तहसील की दूसरी मंजिल से बुधवार को छलांग लगाने वाला पीड़ित किसान विकास बृहस्पतिवार को अस्पताल से छुट्टी मिलते ही सीधे तहसील पहुंच गया। पैर में प्लास्टर चढ़ा होने के बावजूद वह एसडीएम से मिलने की आस में पत्नी के साथ देर शाम तक कार्यालय के बाहर बैठा रहा। मुलाकात न होने पर घर लौटते समय उसने अधिकारियों पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए।
तहसील जसराना क्षेत्र के मौजा नगला गोकुल में 70 बीघा से अधिक विवादित जमीन को लेकर नगला खुशहाली निवासी महताब सिंह और सिरौला निवासी विकास पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस जमीन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 1995 में यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट आदेश है। महताब सिंह खुद को जमीन पर काबिज बता रहे हैं। विकास का आरोप है कि विपक्षी द्वारा प्रशासनिक शह पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है।
अधिकारियों द्वारा शिकायती पत्रों पर कोई कार्रवाई न किए जाने से क्षुब्ध होकर विकास ने बुधवार को अपनी पत्नी शिवानी की मौजूदगी में तहसील की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। गंभीर रूप से घायल विकास को मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था।
बृहस्पतिवार को अस्पताल से पैर में प्लास्टर लगने के बाद चिकित्सकों ने विकास को छुट्टी दे दी। घर जाने के बजाय वह सीधे जसराना तहसील परिसर पहुंचा और एसडीएम कार्यालय के बाहर बैठ गया। हालांकि बृहस्पतिवार को एसडीएम के तहसील में न होने के कारण उसकी मुलाकात नहीं हो सकी। शाम तक इंतजार करने के बाद निराश होकर घर लौटते समय विकास ने तहसील प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के आरोप लगाए।
14 अक्तूबर को कोर्ट में तलब किए गए दोनों पक्ष
क्षेत्रीय लेखपाल और थाना एका पुलिस से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मामले में 14 अक्तूबर को दोनों पक्षों (महताब सिंह व विकास पक्ष) को अपने न्यायालय में तलब किया है। अभिलेखों और उच्च न्यायालय के आदेशों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिषभ पुंडीर, एसडीएम जसराना