कालका मेल में खानपान के ठेकेदार द्वारा कम कमीशन देने और दो माह से वेतन न देने पर वेंडरों ने खानपान सेवा बंदकर दी। अपनी मांगें मनवाने के लिए वेंडरों ने जमकर हंगामा काटा। ट्रेन में खानपान न मिलने से यात्री परेशान रहे। आरपीएफ ने वेंडरों को समझा-बुझाकर ट्रेन को कानपुर रवाना किया।
रेलवे द्वारा ट्रेनों में खानपान की व्यस्था ठेकेदारी से कराई जा रही है। ऐसे में ठेकेदार मनमाने तरीके से कमीशन के आधार पर वेंडरों को भुगतान करते हैं। ठेकेदार पर कमीशन कम देने व दो माह से वेतन न देने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को नई दिल्ली से हावड़ा जा रही कालका मेल में अपनी मांगों को लेकर वेंडरों ने खानपान की बिक्री बंद कर हंगामा करना कर दिया। वहीं बावर्ची ने भी पेंट्रीकार में नाश्ता और खाना बनाना बंद कर दिया। हंगामे के चलते ट्रेन में सफर कर रहे यात्री सकते में आ गए। सुबह 11 बजे ट्रेन के टूंडला स्टेशन पहुंचने पर वेंडर ट्रेन से नीचे उतर आए और हंगामा करने लगे। मौके पर रेलवे सुरक्षा बल व राजकीय रेलवे पुलिस ने पहुंचकर उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। वेंडरों ने मैनेजर नवनीत सिंह पर दिल्ली में आरपीएफ से पिटवाने का आरोप लगाया। वहीं ट्रेन में कानपुर तक यात्रियों को खानपान न मिलने से यात्री परेशान रहे। यात्रियों ने रेल प्रशासन से मांग की कि यात्रियों को खानपान की सुविधा प्रदान कराए। विदित हो कि गत मंगलवार रात्रि दिल्ली से चलकर कानपुर की ओर जाने वाली 2368 विक्रमशिला एक्सप्रेस में भी वेंडरों ने हंगामा किया था।
कंपनी की पॉलिसी के तहत वेंडरों को कमीशन दिया जा रहा है। कुछ वेंडरों के शराब के आदी होने पर उन्हें अब प्रतिदिन भुगतान न देकर मासिक कर दिया गया है। ऐसे मेें वे हंगामा कर रहे हैं। हंगामा करने वाले वेंडरों को हटाया जा रहा है। यात्रियों को कोई असुविधा नहीं होने दी जायेगी।
राजीव मित्तल उर्फ मिंटू
3खानपान ठेकेदार, दिल्ली