फिरोजाबाद। हरी सब्जियों के दाम बाजार में इस समय आसमान पर हैं। टमाटर पचास रुपये किलो बिक रहा है। आमतौर पर बेहद सस्ता बिकने वाला बैंगन भी 30 से 40 रुपये किलो पहुंच गया है जबकि गोभी व शिमला मिर्च आम आदमी की थाली से दूर है। आलम यह है कि ज्यादातर सब्जियों के दाम तीस रुपये से अधिक हैं। सब्जी खरीदने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं।
सब्जी जून जुलाई
धनिया हरा 150 400 किलो
शिमला मिर्च 40 100 किलो
हरी मिर्च 40 60 से 80 प्रति किलो
टमाटर 30 50 रुपये किलो
मूली 10 30 किलो
कठेल 30 40 किलो
तोरई 10 20 किलो
भिंडी 20 30 किलो
बैंगन 20 40 किलो
लोकी 10 30 किलो
सब्जियों के दाम 10-12 दिनों मेें काफी बढ़ गए हैं। बरसात होने से स्थानीय स्तर पर सब्जी की पैदावार कम हो गई है। अन्य प्रदेशों की मंडियों से सब्जी बढ़ी रेट पर आ रही है। इससे दामों में दो गुना तक की बढ़ोतरी हुई है।
फहीम, फुटकर सब्जी विक्रेता
बरसात में हर साल सब्जियों के दाम बढ़ जाते है। इसका कारण यह होता कि बरसात से जहां खेत जलमग्न हो जाते है, वहीं सब्जियां खराब होने लगती हैं। ऐसे में धूप की तपिश के कारण सब्जी की बेल और पौध भी जल जाती है। इस कारण कम संख्या में लोग सब्जी की पैदावार करते है।
मोहम्मद आसिम, सब्जी विक्रेता
इन मंडियों से आ रही है सब्जियां
फिरोजाबाद जिले में इस समय महाराष्ट्र, जयपुर, इंदौर के साथ अन्य जिलों से सब्जियां आ रही हैं। टमाटर और शिमला मिर्च महाराष्ट्र से आ रहे है। इसलिए उनके दाम आसमान पर हैं।
क्या कहते हैं ग्राहक
सब्जियों के दाम सुनकर लेने की हिम्मत नहीं पड़ती। लेकिन कब तक बिना सब्जी के दाल से खाना खाते रहेंगे। इतना जरूर है कि कम सब्जी ले रहे हैं।
सुनील कुमार
दाल के भाव भी आसमान पर पहले से थे। ऐसे में सब्जी भी महंगी हो गई। आलू के दाम 20 किलो है। सब्जियों के रेट पर नियंत्रण होना चाहिए।
राजेश गुप्ता