अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने रविवार को पालीवाल हॉल में वैश्य एकता सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें विधानसभा चुनाव में वैश्य समाज से एक पार्टी के पक्ष में एकजुट होकर मतदान करने का आह्वान किया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुमंत गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में चुनाव की घोषणा हो चुकी है। प्रदेश में चाहे किसी सरकार बने, उसकी भूमिका फीरोजाबाद से तय होगी। उन्होंने कहा कि दो-तीन प्रतिशत की आबादी वाले राजनीतिक भागेदारी कर सत्ता तक पहुंच जाते हैं। वहीं वैश्य समाज मुफ्त में वोट देने का काम करता है। कहा कि जो राजनीतिक दल वैश्य समाज को टिकट देगा, हम उसके साथ खड़े होंगे। सदन में प्रस्ताव पारित होना चाहिए कि वैश्य समाज को भाजपा से टिकट की मांग करनी चाहिए। वैश्य समाज को टिकट के लिए दबाव बनाना चाहिए। विवेक अग्रवाल ने कहा कि यदि हम सभी एकता का परिचय देंगे तो अपनी अलग पहचान बना पाएंगे। हम भले ही हर क्षेत्र में आगे हैं लेकिन राजनीति के क्षेत्र में बहुत पीछे हैं। हम खुद को तभी मजबूत मानेंगे, जब राजनीति में मौका मिलेगा। प्रमुख उद्योगपति देवीचरन अग्रवाल ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष लंबे समय से वैश्य समाज के लिए कार्य कर रहे हैं लेकिन हम उनका साथ नहीं दे पा रहे हैं। पूर्व चेयरमैन रघुवर दयाल गुप्ता ने कहा कि हम तन, मन, धन से मजबूत हैं। इसके बावजूद हमें कोई राजनीतिक पार्टी हमें भागीदारी नहीं दे रही है। इसका प्रमुख कारण हमारा एकजुट नहीं होना हैं। डा. उमाशंकर गुप्ता ने राजनीति में अपना स्थान बनाने के लिए वैश्य समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष बीएस गुप्ता, आचार्य हरिओम गुप्ता, पूर्व प्राचार्य डा. जीके अग्रवाल, नीतेश अग्रवाल जैन, विवेक अग्रवाल, ज्ञानप्रकाश गुप्ता, डा. ज्ञानप्रकाश गुप्ता, महानगर अध्यक्ष मनीष गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, अरविंद गुप्ता, सुरेश गुप्ता, राजीव गुप्ता, वेदप्रकाश गुप्ता, वीके बंसल, दयाशंकर गुप्ता, आलोक गुप्ता, मनीष अग्रवाल, अतुल गुप्ता, दिव्य सिंघल, मौजूद रहे।