हजरत शाह सूफी रहमत उल्ला अलैह के तीन दिवसीय उर्स का कुलशरीफ के साथ समापन हो गया। उर्स के अंतिम दिन दरगाह शरीफ पर हाजिरी लगाने वालों की भीड़ उमड़ी।
यमुना किनारे स्थित दरगाह शरीफ पर बुधवार को देर रात्रि शुरू हुई कव्वाली शमां का क्रम सुबह तक चलता रहा। सुबह कुल शरीफ की रस्म सूफी समदानी मियां, वाहिद फैय्याजी, इमरान फैय्याजी, हाफिज फहीम फैय्याजी, बज्जी भाई, मुख्तार आदि ने अदा की। वहीं दरगाह शरीफ पर सरकारी चादरपोशी उर्स के प्रशासक एक्सइएन सिंचाई अब्दुल लतीफ, गुफरान अहमद व मुसद्दक हुसैन, मुश्ताक अहमद अंबर, मोहम्मद साजिद व मोहम्मद असलम, सुखदेव आदि ने पेश की। सरकारी चादरपोशी के साथ दरगाह शरीफ पर हाजिरी लगाने के लिए जायरीन के आने का क्रम प्रारंभ हो गया। दरगाह पर हाजिरी लगाने के ही साथ कोई चादर चढ़ा रहा था तो कोई परिवार की सलामती के लिए दुआ मांग रहा था। दरगाह की ओर जाने वाले रास्ते पर भीड़ का रेला चल रहा था। उर्स कमेटी की ओर से लंगर आयोजित किया गया। इसमें तबर्रुक प्रसाद का वितरण किया जा रहा था।
चंद्रवार गेट, आसफाबाद फाटक पर रहा जाम
भीड़ उमड़ने के कारण चंद्रवार गेट रेलवे पुल, आसफाबाद के करीब स्थित रेलवे फाटक पर पूरे दिन जाम जैसे हालात रहे। वाहनों की भीड़ होने के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हनीफ खाकसार एवं जहीर खाकसार के नेतृत्व में खाकसारों ने व्यवस्था संभाली।
मोमिन अंसार कांफ्रेंस ने लगाया कैंप
पूर्व सभासद हादी हसन अंसारी के नेतृत्व में दरगाह शरीफ पर मेडिकल कैंप मोमिन अंसार कांफ्रेंस की ओर से लगाया गया था।