बताया कि इसके अलावा गर्मियों में भोजन जल्दी खराब होता है। ऐसे में बासी भोजन करने से भी टाइफाइड हो सकता है। जरूरी है कि ताजा भोजन करें और शीतल पेय पदार्थों का सेवन करते समय सफाई का विशेष ध्यान रखें। उनकी यह भी सलाह है कि बाहर का खाने से बचा जाए। जितना भी हो घर पर बनी चीजें खाएं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में टाइफाइड के 12 बच्चों का उपचार चल रहे हैं। जिनमें शुरुआती लक्षण होते हैं, उनको दवा देकर घर भेज दिया जाता है।
टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार लगभग एक हफ्ते तक आता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण पाए जाते हैं।
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