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UP: नाैकरी के लिए थमा देते थे फर्जी नियुक्ति पत्र...हर एक युवक से लेते थे 10 लाख, एसटीएफ ने पकड़े दो जालसाज

Wed, 15 Oct 2025 08:09 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

युवक फर्जी कागजातों के साथ भर्ती सेंटर पर जाते थे और पकड़े जाते थे, तो डर के कारण शिकायत नहीं करते थे। अभियुक्त इसी का फायदा उठाकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे और पैसे वापस मांगने पर धमकाते थे।
 
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पकड़े गए आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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एसटीएफ इकाई आगरा व नसीरपुर थाना पुलिस ने मंगलवार रात एसएससी/जीडी भर्ती के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये जालसाज फर्जी नियुक्तिपत्र देकर युवाओं को फंसाते थे और फिर प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपये वसूलते थे। दोनों को आगरा जेल में निरुद्ध कराया गया। इनके पास से छत्तीसगढ़ के एक तहसीलदार और लोक सेवा केंद्र की दो मुहर भी मिली हैं। एसटीएफ ने अपने यहां मुकदमा दर्ज किया है।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया कि नसीरपुर के गुढा चौराहा क्षेत्र से शातिर अपराधी प्रदीप कुमार निवासी नगला चंदा और चंद्रवीर उर्फ छोटू निवासी गुढा को गिरफ्तार किया। ये लोग ऑनलाइन भर्ती परिणाम में सफल हुए कुछ अभ्यर्थियों के नाम चुराकर, उनके फर्जी प्रमाणपत्र और फोटो में छेड़छाड़ कर नकली नियुक्ति पत्र तैयार करते थे। जब युवक इन फर्जी कागजातों के साथ भर्ती सेंटर पर जाते थे और पकड़े जाते थे, तो डर के कारण शिकायत नहीं करते थे। अभियुक्त इसी का फायदा उठाकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे और पैसे वापस मांगने पर धमकाते थे।

इस प्रकार पकड़े गए
एसटीएफ इंस्पेक्टर यतेंद्र शर्मा ने बताया कि नीरज कुमार (धौलपुर, राजस्थान) और रिंकू कुमार (आगरा) नाम के दो पीड़ितों की शिकायत मिली थी। इन दोनों को छत्तीसगढ़ में एसएससी/जीडी (बीएसएफ) में भर्ती कराने के नाम पर ठगा गया और फर्जी नियुक्तिपत्र देने के लिए नसीरपुर बुलाया गया था। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने शिकायतकर्ताओं के बताए स्थान पर घेराबंदी करके दोनों आरोपियों को एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपियों से ये हुई बरामदगी
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) के तहसीलदार और लोकसेवा केंद्र की दो मुहरें, कुल 33 फर्जी प्रमाणपत्र और कागजात, लेनदेन के कुछ छायाप्रति, दो वीवो मोबाइल फोन, एक्सिस बैंक के दो ब्लैंक चेक मिले हैं।
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