फिरोजाबाद। जनसमस्याओं के निस्तारण और आईजीआरएस पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों के प्रति लापरवाही बरतने वाले अफसरों और विभागों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम नमामि गंगे मोहनलाल गुप्ता की अध्यक्षता में आईजीआरएस, हेल्पलाइन और असंतुष्ट फीडबैक वाले शिकायती संदर्भों की समीक्षा हुई। बैठक में गलत रिपोर्ट लगाने पर दो अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि डिफॉल्टर विभागों को कड़ी चेतावनी दी गई।
समीक्षा के दौरान एडीएम ने पाया कि गत माह की रिपोर्ट में तहसीलदार फिरोजाबाद, तहसीलदार जसराना, एडीओ नारखी, पूर्ति निरीक्षक जसराना, अपर नगर आयुक्त, जिला पंचायत राज अधिकारी, ईओ फरिहा, एडीओ पंचायत अरांव व नारखी डिफॉल्टर श्रेणी में दर्ज पाए गए हैं। इससे जिले की समग्र रैंकिंग पर बुरा असर पड़ रहा है। एडीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आगे कोई भी विभाग डिफॉल्टर श्रेणी में आता है, तो संबंधित विभागाध्यक्ष पर सख्त वैधानिक व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में समाज कल्याण, डीपीआरओ, सीएमओ, जिला पूर्ति अधिकारी, रजिस्ट्री, विद्युत, तहसीलदार (फिरोजाबाद, टूंडला, शिकोहाबाद), बीडीओ हाथवंत और एडीओ पंचायतों के असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की गहनता से जांच की गई। इस दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में गलत व भ्रामक आख्या लगाने पर एडीएम ने एडीओ पंचायत हाथवंत और एडीओ पंचायत फिरोजाबाद द्वारा गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम न्यायिक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित जिले के समस्त वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।