टूंडला हैडक्वाटर के सीनियर रेल चालकों का कानपुर, इलाहाबाद स्थानांतरण नहीं होगा। रेल चालक राजधानी और शताब्दी को टूंडला हैडक्वाटर से ही लेकर चलेंगे। रेल चालकों की इस मांग को रेलवे बोर्ड ने मानते हुए इसकी इजाजत दे दी है। सोमवार देर सायं शताब्दी में पहली बार टूंडला से रेल चालक के जाने पर स्वागत किया गया।
गौरतलब है कि अभी तक शताब्दी और राजधानी के चालकों को ट्रेन चलाने के लिए इलाहाबाद व कानपुर हैडक्वाटर के लिए स्थानांतरण कर दिया जाता था। लगभग आधी जिंदगी टूंडला में गुजारने के बाद राजधानी, शताब्दी आदि सुपरफास्ट ट्रेन चलाने के लिए उन्हें टूंडला छोड़ना पड़ता था। रेल चालकों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को रेल यूनियनों ने पिछले तीन दशकों से उठाया हुआ है। अब रेल प्रशासन द्वारा यूनियन की मांग को मानते हुए टूंडला हैडक्वाटर के चालकों को ट्रेन ले जाने की अनुमति प्रदान कर दी है। सोमवार देरसायं एनसीआरईएस द्वारा प्रथम बार शताब्दी एक्सप्रेस के चालकों को फूलमाला पहनाकर व मिष्ठान खिलाकर रवाना किया गया। एनसीआरईएस के केंद्रीय अध्यक्ष सैयद शकील अहमद, वीके गौतम, एनके गुप्ता, जयपाल सिंह, नसीरुद्दीन, अशोक कुमार, सतपाल, अरविंद कुमार, दीपक शर्मा, लाखन सिंह मीना, कल्लू खान, बृजेश कुमार, भूपेंद्र, के लाल, गोपाल कुमार और मोहम्मद शमीम आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।