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अभियान पर अभियान फिर भी ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त

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मंगल बाजार लगने के दौरान जलेसर रोड चौराहे से कोटला चुंगी चौराहे तक सर्विस रोड पर लगा भीषण जाम - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। जनपद में सोमवार से सड़क सुरक्षा माह फिर से शुरु हो गया। इससे पहले नवबंर को यातायात माह के रूप में मनाया गया था। लगातार अभियान चलने के बाद भी शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से फेल है। चौराहों पर जाम की स्थिति रहती है। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए इंतजाम नहीं हैं। शहर का प्रमुख सुभाष तिराहा, कोटला चुंगी चौराहा, क्लब चौराहा, आसफाबाद चौराहा, गांधी पार्क चौराहा पर आए दिन जाम की स्थिति रहती है। यही नहीं सड़क सुरक्षा माह के दूसरे दिन ही जाम की स्थिति रही। साप्ताहिक बंदी के बाद बाजार में उमड़ी भीड़ और वाहनों के दवाब से सर्विस रोड पर जाम लगा रहा। काफी देर तक वाहन जाम में फंसे रहे।
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ऑटो-टैक्सी स्टैंड के रुप में तब्दील हुआ सुभाष तिराहा
सुभाष तिराहा शहर का दिल माना जाता है। तिराहा कानपुर-आगरा हाईवे को जोडता है साथ ही यह शहर का एंट्री गेट है। आगरा-कानपुर जाने वाली अधिकांश बसें बस स्टैंड जाने की बजाय तिराहा पर आकर रुक जाती हैं। यहीं से यात्री बसों में उतरते और चढ़ते हैं। जैन मंदिर से लेकर जिला अस्पताल तक ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, डग्गामार वाहन सर्विस रोड और फूटफाथ घेर कर खड़े हो जाते हैं जबकि यह स्थान नो पार्किंग जोन में आता है। सुभाष तिराहा नगर के टेंपो-टैक्सी स्टैंड के रूप में तब्दील हो चुका है।
साप्ताहिक बाजार ने जाम किए सर्विस रोड
साप्ताहिक बंदी के दिन मंगलवार को ओवरब्रिज के नीचे लगने वाले बाजार में उमड़ी भीड़ से दोनों साइड के सर्विस रोड जाम कर दिए। एसपी सिटी कार्यालय से लेकर जाटवपुरी तक सर्विस रोड पर जाम की स्थिति रही। सीबी गेस्ट हाउस के सामने, दाऊदयाल कॉलेज के पास और कोटला चुंगी चौराहे पर जाम की गंभीर स्थिति रही। जाम में वाहन फंसे रहे। ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, ठेल आदि के आवागमन और भीड़ से सर्विस रोड पर जाम लगा रहा। दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक सर्विस पर जाम की स्थिति रही।
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क्लब चौराहा पर जाम में फंसे रहते है वाहन
फिरोजाबाद क्लब चौराहा पर हर दिन जाम की स्थिति रहती है। मंगलवार को भी जाम की स्थिति रही। क्लब चौराहा पर नगर के व्यस्ततम होटल और चूड़ी उद्योग है। वहीं सर्विस रोड से जलेसर मार्ग पर जाने का मुख्य रास्ता होने के कारण चार पहिया वाहनों का इस चौराहा पर सारा दिन आवागमन होता है। नगर के चारों ओर से इस चौराहा पर वाहन आते हैं। यहां जाम लगने का प्रमुख कारण है कि चौराहा पर ओवरब्रिज के नीचे ठेल खोमचे वाले खडे़ रहते हैं। ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा स्टैंड के रूप में पूरा चौराहा घेर लेते हैं। इससे जाम की स्थिति बन जाती है।
कोटला चुंगी चौराहा पर अनियंत्रित रहता है यातायात
कोटला चुंगी चौराहा शहर के मुख्य बाजार से घनी बस्तियों को जोड़ता है। शहर के प्रमुख विद्यालय और मंदिरों का रास्ता इसी चौराह से होकर गुजरता है। चौराहे पर फल आदि के ठेल के साथ आटो रिक्शा और ई रिक्शा फूटफाथ घेरकर खडे़ रहते हैं। मोटर्स पार्ट्स का मुख्य बाजार भी सर्विस रोड पर है। चौराहा पर हर समय जाम की स्थिति रहती है। चौराहा पर स्थिति यह है कि पांच मिनट की दूरी तय करने में 15 से बीस मिनट लगते हैं।
यातायात पुलिस तो कहीं दो होमगार्ड रहते हैं तैनात
सुभाष तिराहा पर यातायात निरीक्षक के साथ यातायात के तीन सिपाही तैनात रहते हैं। पुलिस बूथ भी यहां बना है। यातायात पुलिस का कार्यालय भी पास ही है फिर भी इस तिराहा की स्थिति में सुधार नहीं होता। नो पार्किंग में खडे़ होने वाले वाहन हटाए नहीं जाते हैं। तिराहा पर खड़ी होने वाली बसों को रोका नहीं जाता है। क्लब चौराहा और कोटला चुंगी चौराहे पर होमगार्ड तैनात किए गए हैं। यह यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए पर्याप्त सख्ती नहीं कर पाते।
कुछ प्रशासन सख्ती करे और कुछ लोग भी जागरूक हों। सभी के तालमेल और सहयोग से शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारा जा सकता है। नो-इंट्री का सख्ती का पालन होना चाहिए। नगर में यातायात नियमों के प्रति सख्ती नहीं है इसिलिए लापरवाही है। -डा. मनोज चतुर्वेदी, चिकित्सक।
नगर में ई-रिक्शा की संख्या यकायक बढ़ गई है। प्रत्येक चौराहा पर इन्होंने अनाधिकृत स्टैंड बना लिए हैं। एक-एक चौराहे पर हर समय आठ से दस ई रिक्शा खडे नजर आते हैं। रास्ते पहले से संकरे हैं। ई-रिक्शा आदि से जाम लग रहा है। गलियां तक जाम हो जाती हैं। प्रशासन इस पर नियंत्रण के कोई इंतजाम करे। -सत्येंद्र जैन सौली, सचिव लोक नागरिक कल्याण समिति।
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