विद्युत कर्मियों की वसूली के चक्कर में सोमवार को मासूम बालिका की जान खतरे में पड़ गई। सत्यनगर टापाकलां में प्राइवेट कर्मियों ने पैसे न देने पर चलती लाइन को काट दिया। इससे एक बालिका को करंट लग गया।
चार प्राइवेट कर्मचारी सोमवार करीब 12 बजे बोधाश्रम रोड सत्यनगर टापाकलां पहुंचे। क्षेत्र में पहुंचते ही कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं को धमका कर वसूली शुरू कर दी। कई उपभोक्ताओं से दो-दो हजार ले लिए तो कई उपभोक्ताआें से पांच-पांच हजार रुपये की मांग की गई। कुछ लोगाें ने अवैध वसूली का विरोध किया तो कर्मचारियों ने चालू लाइन के दौरान बंटू के घर पर मीटर के पास से केबल काट दी। केबल में करंट प्रवाहित हो रहा था। केबल की चपेट में आने से बंटू की चार साल की बालिका को करंट लग गया। बच्ची के करंट से झुलसने से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश फैल गया और लोगों ने प्राइवेट कर्मचारियों को पीट दिया। मारपीट होते ही तीन कर्मचारी भाग खड़े हुए । लोगों ने एक कर्मचारी को बंधक बना लिया। सूचना पर यूपी 100 की गाड़ी मौके पहुंची गई। पुलिस कर्मचारी को गाड़ी में बिठाकर ले गई। वहीं करंट से झुलसी बालिका को उपचार के लिए न ले जाने पर आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोगों ने बंबा बाईपास पर जाकर जाम लगा कर हंगामा करना शुरू कर दिया। 40 मिनट तक जाम लगने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने समझा-बुझाकर बालिका को उपचार के लिए भेजा।
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बाइक पर लगी थी सपा की नेम प्लेट, पुलिस भी लिखा
विद्युत विभाग में तैनात प्राइवेट कर्मचारी उपभोक्ताओं पर अपना रौब गांठने के लिए हर हथकंडा अपनाते हैं। कई प्राइवेट कर्मियों की बाइकों पर यूपीपीसीएल लिखा होता है। हालांकि प्रयोग विभागीय अफसर तक नहीं करते। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि सत्यनगर टापाकलां पर भी चार प्राइवेट कर्मी दो बाइकों से पहुंचे थे। इसमें एक बाइक पर सपा की नेमप्लेट लगी थी और पुलिस भी लिखा था।
हफ्ते में तीन बार आते हैं वसूली करने
सत्यनगर टापाकलां निवासी चंद्रप्रकाश, दिलीप, रवि, सोबरन सिंह का कहना है कि प्राइवेट कर्मचारी हफ्ते में तीन बार वसूली करने आते हैं। दो दिन पहले भी वसूली करने आए थे। तब दो-दो हजार रुपये कई उपभोक्ताओं से वसूल कर ले गए थे। आज भी कई लोगों से वसूली की।
जिस कर्मचारी के पास अधिकारी का हस्ताक्षरयुक्त आई कार्ड नहीं है, विभाग का कर्मचारी नहीं माना जाएगा। अधिकृत कर्मचारी भी बकाया पर मात्र कनेक्शन काट सकता है। वसूली करने का अधिकार नहीं है। यदि कोई कर्मचारी वसूली करता पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ता भी ऐसे कर्मचारियों को पकड़कर एफआईआर लिखवा सकते हैं।
आर.पी. वर्मा
अधिशासी अभियंता