फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध वसूली पर नपे तीन पुलिसकर्मी

Sun, 16 Apr 2017 11:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
विज्ञापन
अवैध वसूली पर नपे तीन पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजा‍ला
विज्ञापन
आसफाबाद चौराहे पर ट्रक चालक से अवैध वसूली करना ट्रैफिक के सिपाहियों को महंगा पड़ गया। एसएसपी ने एचसीपी और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया। मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने के ही बाद तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

रविवार को राजस्थान के वाराकोटा जिला के राजौरी निवासी रामबाबू पुत्र निहाल सिंह कोलकाता से ट्रक में सरिया लेकर राजस्थान के अलवर जा रहा था। आसफाबाद चौराहे पर तैनात ट्रैफिक के एचसीपी मनोज कुमार गौतम, सिपाही दीवान सिंह व बलवीर ने ट्रक को रोक लिया। ट्रक चालक का आरोप है कि सिपाहियों ने नो एट्री में प्रवेश पर 5200 की रसीद कटवाने के लिए कहा था। ट्रक चालक ने जेब में आठ सौ रुपया होने का हवाला दिया तो ट्रैफिक सिपाहियों ने सात सौ रुपया वसूले और उसकी रसीद नहीं काटी। क्षेत्रीय बाशिंदों ने अवैध वसूली होते देख हंगामा कर दिया। हंगामा होते ही प्रभारी निरीक्षक रसूलपुर डा. विनोद कुमार पायल फोर्स मौके पर पहुंच गए।

भाजपा महानगर के अध्यक्ष कन्हैलाल गुप्ता भी पहुंचे। ट्रैफिक सिपाही की ओर से पैसा वसूलने का पत्र भी सौंपा। भाजपा महानगर अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद ट्रक को रसूलपुर का फोर्स बंबा चौराहे तक छोड़ दिया। ट्रैफिक के सिपाहियों ने चालक द्वारा दिए शिकायती पत्र वापस लेने के लिए दबाव बनाने को दौलतपुर की पुलिया की समीप प्राइवेट गाड़ी से जाकर रोक लिया। भाजपा महानगर अध्यक्ष ने एसपी सिटी को जानकारी दी तो फिर उसे जाने दिया। बैंदी की पुलिया पर दोबारा रोकने पर तो भाजपा महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता, एसपी सिटी संजीव वाजपेयी पहुंचे। भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ट्रक चालक को टोल टैक्स तक छोड़ने गई। ट्रैफिक के जवानों की इस हरकत को एसएसपी अजय कुमार पांडेय ने गंभीरता से लिया। एचसीपी मनोज गौतम, सिपाही बलवीर व दीवान सिंह को निलंबित कर दिया। जांच एसपी देहात विकास कुमार को सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद भ्रष्टाचार अधिनियम के ही तहत मामला दर्ज करके सख्त काईवाई की जाएगी।
विज्ञापन


पहले पकड़े गए हैं सिपाही
 ट्रैफिक सिपाहियों द्वारा अवैध वसूली का मामला यह कोई नया नहीं है। नोटबंदी के दौरान भी ट्रैफिक सिपाहियों ने रिश्वत के लिए ट्रक चालक को एटीएम तक ले गए थे। इतना ही नहीं एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक दौड़ लगाई थी। सबसे अधिक अवैध वसूली तो इंडस्ट्रियल क्षेत्र में कारखानों में कच्चा माल लाने वाले ट्रकों के चालकों से होती है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें