शिकोहाबाद। चचिया ससुर का मोबाइल फोन दामाद समेत तीनों की मौत का कारण बना। ससुर की बाइक पंक्चर होने के कारण वह शिकोहाबाद में रुके थे। बाइक को सही कराने के बाद तीनों चाचा-भतीजे, चचिया ससुर के साथ खेत पर गए थे। वहां उनका फोन कुएं में गिर गया था। उसको निकालने के दौरान यह दर्दनाक घटना घटी। यह बताते हुए मृतक ध्रुव के चचिया ससुर की आंखों से आंसू छलक उठे।
नगला पोहपी निवासी ध्रुव कुमार की शादी कुछ वर्ष पूर्व ही ऊषा के साथ हुई थी। उनका एक बच्चा भी है। मंगलवार को ध्रुव की पत्नी के चाचा मिंतराज निवासी गांव उरावर से शिकोहाबाद आए थे। उनकी बाइक में पंक्चर हो गया था। इस पर उन्होंने ध्रुव को मौके पर बुला लिया। आंखों में आंसू भरे मिंतराज ने घटना के पीछे की कहानी बयां की। उनका कहना था कि बाइक का पंक्चर सही कराने के बाद वह नगला पोहपी में आ गए थे। यहां अजय और चंद्रवीर भी मिल गए। मिंतराज दामाद समेत अजय और चंद्रवीर के साथ खेतों पर चले गए थे। वहां वह फोन पर बात कर रहे थे। उसी दौरान अचानक उनका फोन कुएं में गिर गया। यह देख ध्रुव कुएं से फोन बाहर निकालने के लिए कुएं में चला गया। काफी देर तक न आने पर अजय और चंद्रवीर भी कुएं में उतर गए थे। वह दोनों भी जब बाहर नहीं आए, तो ध्रुव के चचिया ससुर ने ही गांव में जाकर तीनों के कुएं में बेहोश होने की जानकारी ग्रामीणों को दी थी। मिंतराज ने बताया कि उनके पास 800 रुपये की कीमत का की-पैड वाला फोन था। इस भयावह घटना के बाद वह भी सहमे हैं। रह-रहकर उनकी आंखों से आंसू छलक जाते हैं।
गमगीन माहौल में एक साथ हुई चाचा-भतीजों के शवों की अंत्येष्टि
शिकोहाबाद। कुएं में जहरीली गैस से हुई मौत के बाद तीनों चाचा-भतीजों का शव मंगलवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद गांव में पहुंचे। शवों को देखकर गांव में चीख-पुकार मच गई। करुण क्रंदन देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। ध्रुव, अजय एवं चन्द्रवीर की मां एवं पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। तीनों शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार करवा दिया।
गांव नगला पोहपी में हुई विभत्स घटना के बाद तीनों चाचा-भतीजों का शव देर रात ढाई बजे करीब पोस्टमार्टम के बाद गांव में पहुंचा। तीनों का शव देखकर उनके परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अजय की मां तो बार-बार बेटे का शव देखकर बेसुध हो रही थी। तीन परिवारों में हुई मौत के बाद गांव में चारों तरफ दुख का माहौल था। ग्रामीण महिलाएं मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटी हुई थीं। देररात साढ़े तीन बजे करीब ग्रामीणों के समझाने के बाद तीनों शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
छोटे भाइयों और बेटे ने दी मुखाग्नि
गांव में चाचा-भतीजों के शव एक ही जगह रखे गए थे। तीनों के शव चिता में देख हर किसी का मन व्यथित हो गया। ध्रुव के शव को छोटे भाई करन ने, अजय के शव का छोटे भाई गौरव ने मुखाग्नि दी। वहीं चंद्रवीर के शव को उसके 7 वर्षीय बेटे आरव ने मुखाग्नि दी। तीनों शवों का एक साथ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम संस्कार के बाद गांव में पसरा सन्नाटा, नहीं सुलगे चूल्हे
शिकोहाबाद। गांव नगला पोहपी में हुई घटना के बाद गांव में एक ओर जहां सन्नाटा पसरा रहा, चूल्हे तक नहीं सुलगे। घटना के बाद गांव में परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए जनप्रतिनिधियों का तांता लगा रहा। ग्रामीणों के बीच कुएं में मीथेन गैस बनने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जोर पकड़े रहीं।
मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए जनप्रतिनिधियों का आना-जाना लगा रहा। मृतकों के परिजनों ने बताया कि सदर विधायक मनीष असीजा उनके परिवारों को ढांढस बंधाने आए। उन्होंने मृतकों के परिजन को शासन से उचित मुआवजा राशि दिलाए जाने का आश्वासन दिया। नगर कांग्रेस कमेटी शिकोहाबाद के अध्यक्ष मुकेश गौड़ अपने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने भी परिजन को ढांढ़स बंधाया।
कुएं में जहरीली गैस को लेकर गांव में रहीं चर्चाएं
कुएं में बनी मीथेन गैस को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं जोर पकड़े हुए थीं। कुछ ग्रामीणों का कहना था कि कुएं के आसपास गांजा उग रहा है। जिसको अधिकांशतः उखाड़कर कुएं में फेंक दिया जाता है। घटना से एक दिन पहले ही बारिश हुई थी। गांजा सड़ने और उमस से जहरीली गैस कुएं में बनी होगी।
हादसे के बाद भी खुला पड़ा है कुआं
मंगलवार दोपहर प्रशासन की टीम ने ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर उतरने के लिए कुएं में सीढ़ियां लगाई थीं। शवों को तो टीम ने किसी तरह निकाल लिया, लेकिन सीढ़ी दूसरे दिन भी कुएं में ही पड़ी रहीं। घटना के बाद कुएं को जाल लगाकर ढकने की कवायद अब तक नहीं की गई।