तीन तलाक के बहाने शरीयत में दखल की कोशिश: कासमी
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जमीयत उलमा फीरोजाबाद की ओर से तीन तलाक मुद्दे पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। बड़ी संख्या में युवाओं ने हस्ताक्षर करके केंद्र सरकार की पहल का विरोध किया। उन्होंने कहा हुकूमत-ए-हिंद को विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए, मजहबी मसलों में हस्तक्षेप करना पूरी ही तरह से नाजायज है।
नाले की पुलिया पर मौलाना शफी कासमी की सदारत में लगाए गए कैंप में कहा कि तीन तलाक के खिलाफ चंद मुसलमानों ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दाखिल की है। इसका बाद केंद्र सरकार ने तीन तलाक के खिलाफ न सिर्फ शोशा छोड़ दिया बल्कि इसके बहाने दीन में घुसने की कोशिश की। मौलाना इश्तियाक ने कहा कि देश के तमाम मुसलमानों ने जहां केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्सा पाया जा रहा है। वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की हिमायत में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। जमीयत फीरोजाबाद के सदर मौलाना राशिद ने कहा कि मुसलमान अपने इस अभियान के माध्यम से बात को केंद्र तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। जनरल सेक्रेटरी मुफ्ती कासिम रजी ने कहा कि केंद्र सरकार सोची समझी साजिश के तहत तीन तलाक और यक्शा सिविल कोर्ट के बहाने शरीयत में दखल देने की नापाक कोशिश कर रही है। इसे किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोहम्मद हुजैफा ने कहा आज हुकूमत तीन तलाक के खिलाफ है वह कल नमाज के खिलाफ भी जा सकती है। लिहाजा हमें बेदार रहने की ही जरूरत है। मौलाना इलियास मजाहिरी ने कहा कि अगर हम सभी ने गफलत और लापरवाही से काम लिया तो हमें आगे जाकर परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हस्ताक्षर अभियान में मौलाना अब्दुल हलीम, हाफिज शाहिद, मौलाना अब्दुल रउफ, हाफिज शाहनवाज, हाफिज इमरान, हाफिज ताजउद्दीन, मौलाना इलियास बदरी, हाफिज मुईनउद्दीन, मौलाना रिजवान, मौलाना अब्दुल रहमान, कारी साबिर, कारी इसराफील, हाजी बॉबी, असलम भोला, मोहम्मद फुरकान, जर्रार अहमद राजू, नूरुल हुदा लाला राइन आदि मौजूद थे।