फिरोजाबाद। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या चतुर्थ साक्षी शर्मा ने गैंगस्टर एक्ट के तीन दोषियों को 10-10 वर्ष का कारावास एवं प्रत्येक को पांच-पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मामला थाना खैरगढ़ का है। तत्कालीन थानाध्यक्ष नीरज शाही ने 12 अगस्त 2014 को थाना खैरगढ़ क्षेत्र बिजौली निवासी भूरा उर्फ भूपेंद्र, उमला यादव एवं बंगाली के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि वह एक सक्रिय गैंग है। सक्रिय गैंग हत्या जैसे जघन्य अपराध करके अवैध धन अर्जित करते हैं। पुलिस ने अभियोग दर्ज कर विवेचना उपरांत दोषियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया।
मुकदमा में की सुनवाई एवं निस्तारण विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या चतुर्थ साक्षी शर्मा की न्यायालय में की गई। न्यायालय ने आरोप लगाया। दोषियों ने आरोप से इंकार करते हुए सत्र परीक्षण की मांग की। न्यायालय में पांच गवाहों ने गवाही दी। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्ष के तर्क सुनने और साक्ष्यों का गहनता से अध्ययन करने के बाद सजा सुनाई।